मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना और प्रस्तावित युवा आयोग पर हुआ मंथन
ग्रामीण युवाओं ने खेल मैदान, कौशल विकास व रोजगार केंद्र बढ़ाने की उठाई मांग
आजमगढ़: युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और उनकी समस्याओं को नीतिगत स्तर पर उठाने के उद्देश्य से शनिवार को डीएवी पीजी कॉलेज के प्रांगण में उत्तर प्रदेश युवा नीति संवाद 2026 के अध्याय-3 का आयोजन किया गया। हाउस ऑफ पॉलिटिकल एम्पावरमेंट रिसर्च एंड इनोवेशन फाउंडेशन (होप) की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में जिले एवं आसपास के क्षेत्रों के 500 से अधिक युवाओं ने भाग लिया। संवाद में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना, प्रस्तावित उत्तर प्रदेश राज्य युवा आयोग, शिक्षा, रोजगार, खेल, कौशल विकास, तकनीक और युवाओं के लिए सुरक्षित वातावरण जैसे विषयों पर चर्चा हुई। ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं ने खेल मैदान, कौशल विकास केंद्र और रोजगार केंद्रों की संख्या बढ़ाने का सुझाव दिया। होप के संस्थापक एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. दिग्विजय सिंह ने कहा कि युवा प्रदेश और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं। युवा नीति का निर्माण उनकी आकांक्षाओं, जरूरतों और दृष्टिकोण को केंद्र में रखकर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी संस्था प्रदेश के प्रत्येक जिले में ऐसे संवाद आयोजित करेगी, ताकि ग्रामीण युवाओं की समस्याओं और सुझावों को शासन तक पहुंचाया जा सके। सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रवि प्रताप सिंह ने युवाओं को सोशल मीडिया के सकारात्मक इस्तेमाल के प्रति जागरूक किया। उन्होंने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से युवाओं को मिलने वाले लाभों की चर्चा करते हुए कहा कि महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना आजमगढ़ के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। युवाओं को अपनी क्षमताओं को पहचानकर प्रदेश और देश के विकास में योगदान देना चाहिए। युवा शशांक सिंह ने कहा कि युवा देश की ऊर्जा और सबसे बड़ी पूंजी हैं। खेलों को प्रोत्साहन देने के साथ युवाओं को सही दिशा देने के लिए संवाद, अनुशासन और प्रभावी नीतियों की आवश्यकता है। अधिवक्ता नीरज द्विवेदी ने प्रस्तावित युवा आयोग को युवाओं की समस्याएं सुनने और उनके समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने इंटरनेट और डिजिटल माध्यमों का सदुपयोग कर ज्ञान एवं कौशल बढ़ाने की अपील की। डॉ. पूनम ने मिशन शक्ति और प्रदेश में अपराध नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षित वातावरण महिलाओं और युवाओं को शिक्षा, रोजगार तथा अपने भविष्य के प्रति विश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर देता है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भी अपनी अपेक्षाएं खुलकर रखीं। छात्र हरिओम प्रताप सिंह ने प्रस्तावित युवा आयोग की आवश्यकता बताते हुए कहा कि युवाओं की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए। वहीं साक्षी ने राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना को महत्वपूर्ण कदम बताते हुए शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी निवेश को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया। कार्यक्रम में युवाओं ने ऐसे संवाद नियमित रूप से आयोजित करने की जरूरत बताई, जिससे उनकी समस्याएं और सुझाव सीधे नीतिगत स्तर तक पहुंच सकें। आयोजकों ने कहा कि युवा नीति संवाद का उद्देश्य युवाओं की वास्तविक जरूरतों को समझना और उन्हें प्रदेश के विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाना है।
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