अदालत ने प्रत्येक पर 11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
आजमगढ़: ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत प्रभावी विवेचना और अभियोजन की सशक्त पैरवी के चलते वर्ष 2017 के हत्या के प्रयास के मामले में एडीजे-3 न्यायालय ने तीन आरोपित भाइयों को दोषी करार देते हुए सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने प्रत्येक दोषी पर 11-11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। सिधारी थाना क्षेत्र के पल्हनी धन्नी सराय निवासी रामकरन यादव पुत्र स्व. बेचू यादव की तहरीर पर तीन नवंबर 2017 को मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि आबादी की जमीन के विवाद को लेकर विमलेश यादव पुत्र रामसकल यादव, कमलेश यादव पुत्र रामसकल यादव एवं कैलाश यादव पुत्र रामसकल यादव, निवासी ग्राम पल्हनी धन्नी सराय, थाना सिधारी, जनपद आजमगढ़ ने गाली-गलौज व मारपीट करते हुए अवैध असलहे से फायर कर हत्या का प्रयास किया था। इस मामले में थाना सिधारी पर मुकदमा संख्या 328/2017, धारा 307, 323 व 504 भादवि के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से 10 गवाह पेश किए गए। साक्ष्यों के आधार पर एडीजे-3, आजमगढ़ ने तीनों आरोपितों को दोषी ठहराते हुए सात-सात वर्ष के कठोर कारावास तथा प्रत्येक पर 11 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
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