रक्त डाइल्यूट करने और अवैध लेन-देन के आरोपों की जांच शुरू, रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
आजमगढ़: मंडलीय जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्त की कथित कालाबाजारी और ब्लड डाइल्यूट (पतला) किए जाने की शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार के निर्देश पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनआर वर्मा और एसआईसी डॉ. सतीश चंद्र कन्नौजिया ने ब्लड बैंक का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने ब्लड बैंक के स्टॉक, रिकॉर्ड, रक्त भंडारण और वितरण व्यवस्था की गहन पड़ताल की तथा कर्मचारियों से भी पूछताछ की।सूत्रों के अनुसार जिलाधिकारी को एक गोपनीय शिकायत मिली थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कुछ यूनिट रक्त को डाइल्यूट कर उसकी गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। साथ ही रक्त के अवैध लेन-देन की भी शिकायत की गई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एसआईसी डॉ. सतीश चंद्र कन्नौजिया ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। टीम ब्लड बैंक से संबंधित सभी अभिलेखों और प्रक्रियाओं की विस्तार से जांच कर अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनआर वर्मा ने कहा कि फिलहाल जांच जारी है। ब्लड डाइल्यूट किए जाने के आरोपों की पुष्टि होने से पहले कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार रक्त को डाइल्यूट करना पूरी तरह गैरकानूनी और मरीजों के लिए बेहद खतरनाक है। इससे रक्त की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ मरीज की जान भी जोखिम में पड़ सकती है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी इस ब्लड बैंक को लेकर विवाद सामने आ चुके हैं, जिसके चलते ताजा शिकायत के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया है।
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