आजमगढ़: प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के नाम पर साइबर ठगी का शिकार हुए युवक को बरदह थाना पुलिस की साइबर हेल्प डेस्क ने बड़ी राहत दिलाई है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से ठगी गई रकम में से 35 हजार रुपये पीड़ित के बैंक खाते में वापस करा दिए गए। धनराशि वापस मिलने पर पीड़ित और उसके परिजनों ने पुलिस टीम का आभार जताया। पुलिस के अनुसार, बरदह थाना क्षेत्र के सरांवा गांव निवासी शुभम रावत पुत्र बालकिशुन रावत के मोबाइल पर 11 अप्रैल 2026 को एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को सरकारी योजना से जुड़ा बताते हुए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत धनराशि दिलाने का झांसा दिया। बातों में फंसाकर साइबर ठग ने शुभम से ऑनलाइन माध्यम से कुल 44 हजार रुपये की ठगी कर ली। घटना के बाद शुभम ने तत्काल एनसीआरपी (राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल) पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही बरदह थाना की साइबर हेल्प डेस्क सक्रिय हो गई और संबंधित बैंक खाते में 35 हजार रुपये होल्ड करा दिए। इसके बाद विधिक प्रक्रिया पूरी कर न्यायालय से फंड रिलीज आदेश प्राप्त किया गया। बैंक के नोडल अधिकारी से समन्वय स्थापित कर 35 हजार रुपये सफलतापूर्वक पीड़ित के खाते में वापस करा दिए गए। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक मनीष कुमार सिंह, महिला आरक्षी आरती सिंह तथा आरक्षी निखिल गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक, ओटीपी या सरकारी योजना के नाम पर मिलने वाले प्रलोभन में न आएं। साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते धनराशि होल्ड कर वापस कराई जा सके।
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