567 राजस्व परिषद और 14 महालेखाकार की ऑडिट आपत्तियां अब भी लंबित, डीएम के निर्देश पर हुई कार्रवाई
आजमगढ़: लंबित ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर तीन अधिकारियों और तीन कर्मचारियों का वेतन अगले आदेश तक रोक दिया गया है। मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव ओझा ने बताया कि राजस्व परिषद की कुल 866 ऑडिट आपत्तियों में से अब तक 299 का निस्तारण किया जा चुका है। इनमें 237 पूर्व माह और 62 वर्तमान माह की आपत्तियां शामिल हैं, जबकि 567 आपत्तियां अभी भी लंबित हैं। वहीं महालेखाकार की 40 ऑडिट आपत्तियों में से 26 का निस्तारण हो चुका है और 14 आपत्तियां अभी लंबित हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को समय-समय पर लंबित ऑडिट आपत्तियों के संबंध में अनुपालन आख्या निर्धारित समय के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन 7 जुलाई 2026 तक कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की। इस पर जिलाधिकारी के आदेश के क्रम में तहसीलदार सगड़ी, तहसीलदार लालगंज, तहसीलदार मेहनगर, खनन/आपदा लिपिक रामविलास यादव, मुख्य राजस्व लेखाकार कमरूद्दीन खाँ तथा वेतन लिपिक (ग्रामसभा) मंगल का वेतन अग्रिम आदेश तक अवरुद्ध कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लंबित ऑडिट आपत्तियों के शीघ्र निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Blogger Comment
Facebook Comment