अंतरराज्यीय गिरोह के अब तक 12 सदस्य गिरफ्तार, ब्रेजा कार सहित कई सामान बरामद
आजमगढ़: रानी की सराय थाना पुलिस ने सरकारी और निजी संस्थानों में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन और सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के साथ ही इस मामले में अब तक गिरोह के कुल 12 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ब्रेजा कार, 11 फर्जी मोहरें, पुलिस वेरिफिकेशन प्रपत्र, मोबाइल फोन, सरकारी प्रोफार्मा, आधार व पैन कार्ड की प्रतियां, रेलवे पहचान पत्र और नकदी समेत बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन और क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में रानी की सराय पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर 26/27 जुलाई की रात आजमगढ़-वाराणसी मुख्य मार्ग स्थित कोटिला कट के पास घेराबंदी की। वहां ब्रेजा कार के पास खड़े तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उनकी पहचान लालू उर्फ राकेश कुमार पुत्र विमलेश कुमार महतो निवासी सेलीबेली, थाना बासोपट्टी, जनपद मधुबनी (बिहार), दिनेश कुमार गुप्ता पुत्र स्व. रघुनाथ गुप्ता निवासी ग्राम डेहरी, पोस्ट कोटवारी, थाना रसड़ा, जनपद बलिया तथा धर्मेन्द्र गुप्ता पुत्र रमाकान्त गुप्ता निवासी ग्राम मन्दा, थाना रसड़ा, जनपद बलिया के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, 20 मई 2026 को पंकज यादव की तहरीर पर रानी की सराय थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान इन तीनों के नाम सामने आए। जांच में पता चला कि आरोपी स्वयं को नौकरी दिलाने वाला एजेंट बताकर बेरोजगार युवाओं को सरकारी एवं निजी संस्थानों में नियुक्ति का झांसा देते थे। अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेने के बाद उनके नाम पर फर्जी पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र और अन्य सरकारी दस्तावेज तैयार कर नौकरी दिलाने का विश्वास दिलाते थे। तलाशी के दौरान पुलिस ने चार मोबाइल फोन, दो एयरटेल सिम, 11 मोहरें, एक इंकपैड, दो पुलिस वेरिफिकेशन प्रोफार्मा, एक प्रमाणित पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट, आधार व पैन कार्ड की छायाप्रतियां, जन्म प्रमाणपत्र की प्रति, नागालैंड के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के पांच प्रोफार्मा, एक प्रमाणित दस्तावेज, एक लिफाफा, एक ब्रेजा कार, रेलवे पहचान पत्र तथा ₹5,360 नकद बरामद किया। पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और संभावित पीड़ितों की पहचान कर पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।
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