जिले में 96.23% लक्ष्य पूरा, गुड्डी के परिवार की कहानी बनी योजना की मिसाल
आजमगढ़: कभी बारिश की रातों में टपकती छत के नीचे पूरी रात जागकर बर्तन बदलने को मजबूर रहने वाला जहानागंज विकासखंड के सेमा गांव का गुड्डी का परिवार आज पक्के मकान में सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहा है। मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से मिले घर ने न केवल उनके सिर पर पक्की छत दी, बल्कि बच्चों के बेहतर भविष्य और परिवार को नई उम्मीद भी दी है। अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाले गुड्डी और उनके पति दुर्गेश वर्षों से दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते रहे। सीमित आय के कारण वे कच्चे और जर्जर मकान में रहने को मजबूर थे। बरसात में छत टपकती थी, दीवारें गल जाती थीं और हर मौसम उनके लिए नई मुश्किल लेकर आता था। बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती थी। मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत चयन होने पर गुड्डी को 1.20 लाख रुपये की सहायता मिली। इसके साथ ही मनरेगा के तहत 90 दिन की मजदूरी और स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 12 हजार रुपये की लागत से शौचालय का निर्माण कराया गया। पात्रता के अनुसार अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिला, जिससे परिवार का जीवन पूरी तरह बदल गया। गुड्डी कहती हैं, "सरकार ने हमें केवल मकान नहीं दिया, बल्कि हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया है। अब हमें हर मौसम में घर टूटने या भीगने का डर नहीं रहता।" मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में आजमगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जनपद को 9,908 आवासों का लक्ष्य मिला था, जिसके सापेक्ष अब तक 9,534 आवास पूर्ण कर लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं। इस तरह जिले ने 96.23 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर प्रदेश के बेहतर प्रदर्शन करने वाले जनपदों में अपनी जगह बनाई है। योजना के तहत प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों, कुष्ठ रोगियों, मुसहर समुदाय, विधवा महिलाओं, दिव्यांगजन और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्राथमिकता दी गई। प्रत्येक पात्र परिवार को 1.20 लाख रुपये की सहायता, मनरेगा के तहत 90 दिन की मजदूरी, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय और पात्रतानुसार उज्ज्वला, सौभाग्य तथा हर घर जल जैसी योजनाओं का भी लाभ दिया गया। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने कहा कि जब किसी गरीब परिवार को पक्की छत मिलती है तो केवल एक मकान नहीं बनता, बल्कि उसके जीवन में विश्वास, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय शुरू होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रभावी क्रियान्वयन से आजमगढ़ में हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। जिले में योजना की सफलता का श्रेय जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के नेतृत्व, मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना की सतत निगरानी, नियमित समीक्षा बैठकों, पारदर्शी लाभार्थी चयन और विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी अभिसरण को दिया जा रहा है। गुड्डी की कहानी आज उन हजारों परिवारों का प्रतिनिधित्व करती है, जिनके लिए मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) केवल एक घर नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षित भविष्य का आधार बनी है।
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