संत सर्वेश जी महाराज ने दिया संदेश, बोले- कन्या भ्रूण हत्या महापाप, युवा अध्यात्म को अपनाएं
आजमगढ़: नगर क्षेत्र स्थित भँवरनाथ मंदिर में आयोजित नौ दिवसीय 'श्री राम कथा रस की अमृत वर्षा' का मंगलवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ समापन हो गया। अंतिम दिन कथा वाचक प्रेममूर्ति युवा संत सर्वेश जी महाराज के सानिध्य में हवन-पूजन, पूर्णाहुति, विशाल भंडारे और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। पूर्णाहुति के बाद श्रद्धालुओं ने संत सर्वेश जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त कर उनके आशीर्वचनों का श्रवण किया। पत्रकारों से बातचीत में संत सर्वेश जी महाराज ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या महापाप है और समाज को इस कुरीति से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को अध्यात्म की ओर बढ़ना होगा। कथा का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जल संचयन, अध्यात्म, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और लोगों को पाप व सामाजिक बुराइयों से दूर रहने का संदेश देना भी है। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ के लोगों से उन्हें हमेशा भरपूर स्नेह और प्रेम मिला है, जिससे उनका इस जनपद से विशेष लगाव है। कार्यक्रम के आयोजक अनिल सिंह 'मामा' ने बताया कि कई वर्षों से इस कथा का आयोजन निरंतर कराया जा रहा है, ताकि लोगों को अध्यात्म से जोड़े रखा जा सके। उन्होंने कहा कि कथा के माध्यम से 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का संदेश भी समाज तक पहुंचाया जाता है। उन्होंने भँवरनाथ मंदिर की मान्यता का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मंदिर से कोई भी श्रद्धालु कभी खाली हाथ नहीं लौटता। समापन समारोह में श्रवण कुमार मेहता, हरिवंश सिंह, अजय उपाध्याय, इंदल उपाध्यक्ष, दिनेश शर्मा, गोकुल सिंह, विपिन सिंह, श्रीप्रकाश मिश्रा, धीरेन्द्र सिंह, राहुल सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
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