ठगी से अर्जित अवैध संपत्ति पर कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन का कब्जा, डुगडुगी पिटवाकर हुई कुर्क
आजमगढ़: संगठित अपराध और भूमाफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आजमगढ़ पुलिस और प्रशासन ने गैंगस्टर कृष्णचन्द्र राय उर्फ के.सी. राय की करीब 10 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्ति कुर्क कर ली। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर रविवार को कोतवाली क्षेत्र के कोडर अजमतपुर स्थित गगनचुंबी भवन को डुगडुगी पिटवाकर प्रशासनिक कब्जे में लिया गया। पुलिस के अनुसार यह संपत्ति अपराध से अर्जित धन से तैयार की गई थी। पुलिस के मुताबिक कोतवाली थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 92/2026 की विवेचना के दौरान सामने आया कि कृष्णचन्द्र राय उर्फ के.सी. राय पुत्र सुखसागर राय, निवासी मुहम्मदपुर फेटी थाना बरदह (हाल पता- कोडर अजमतपुर, थाना कोतवाली), वर्ष 2012 से फर्जी खतौनी, जमीन के नाम पर ठगी, कूटरचना, आपराधिक न्यासभंग और गैंगस्टर गतिविधियों से अर्जित अवैध धन से जमीन खरीदता रहा। इसी धन से उसने कोडर अजमतपुर में आलीशान बहुमंजिला भवन का निर्माण कराया और समय-समय पर उसका विस्तार व नवीनीकरण भी कराया। विवेचना में यह भी सामने आया कि उक्त भवन गैंग के सदस्यों के जमावड़े और आपराधिक गतिविधियों की योजना बनाने का प्रमुख केंद्र बना हुआ था। राजस्व विभाग द्वारा भूमि तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा भवन का मूल्यांकन कराने पर इसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 10 करोड़ रुपये आंकी गई। विवेचक निरीक्षक रफी आलम की जांच के आधार पर न्यायालय ने माना कि अभियुक्त के पास भवन निर्माण अथवा ऋण की किश्तें चुकाने के लिए कोई वैध आय का स्रोत नहीं था। इसके बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सत्यबीर सिंह ने धारा 107 बीएनएसएस के तहत संपत्ति कुर्क करने का आदेश पारित किया तथा तहसीलदार को उसका प्रशासक नियुक्त किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुवन कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर शुभम तोदी, विवेचक निरीक्षक रफी आलम, कोतवाली पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने न्यायालय के आदेश का अनुपालन करते हुए भवन को कुर्क कर प्रशासनिक कब्जे में ले लिया। कार्रवाई के दौरान नियमानुसार डुगडुगी पिटवाकर सार्वजनिक घोषणा भी कराई गई। पुलिस के अनुसार कृष्णचन्द्र राय उर्फ के.सी. राय वर्तमान में जेल में निरुद्ध है और प्रशासनिक आधार पर उसे पूर्व में अंबेडकरनगर कारागार स्थानांतरित किया जा चुका है। उसके विरुद्ध आजमगढ़ के विभिन्न थानों समेत कुल 16 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें ठगी, कूटरचना, गैंगस्टर एक्ट, अपहरण, एससी/एसटी एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के मामले शामिल हैं। आजमगढ़ पुलिस ने कहा है कि संगठित अपराध, भूमाफियाओं और अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों के खिलाफ "जीरो टॉलरेंस" की नीति के तहत आगे भी इसी तरह की कठोर और विधिसम्मत कार्रवाई जारी रहेगी।
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