पूर्व विधायक वंदना सिंह की मांग पर शासन ने लिया फैसला, अदालत ने दी मंजूरी
आजमगढ़: वर्ष 2013 में सगड़ी के पूर्व विधायक सर्वेश सिंह उर्फ सीपू की हत्या के बाद जीयनपुर में हुए बवाल, आगजनी और हिंसा के मामले में दर्ज दो मुकदमों को अदालत ने वापस लेने की अनुमति दे दी है। शासन की मंजूरी के बाद अभियोजन विभाग की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों मुकदमों को समाप्त करने का आदेश दिया। इस फैसले से कुल 63 आरोपियों को राहत मिली है। 19 जुलाई 2013 को सर्वेश सिंह उर्फ सीपू की हत्या के बाद जीयनपुर में व्यापक हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ हुई थी। इस दौरान पुलिस और ग्रामीण आमने-सामने आ गए थे। पुलिस ने दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए थे, जिनमें एक मामले में 42 और दूसरे में 21 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था। मुकदमों में कई लोगों के नाम शामिल किए जाने पर लंबे समय से सवाल उठ रहे थे। सीपू सिंह की पत्नी एवं पूर्व विधायक वंदना सिंह कई वर्षों से इन मुकदमों को वापस लेने की मांग कर रही थीं। उनका कहना था कि घटना के बाद बड़ी संख्या में निर्दोष लोगों को भी मुकदमों में नामजद कर दिया गया था। शासन से अनुमति मिलने के बाद अभियोजन विभाग ने अदालत में मुकदमे वापस लेने का आवेदन प्रस्तुत किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया। पूर्व विधायक वंदना सिंह ने फैसले का स्वागत करते हुए इसे न्याय और जनहित में लिया गया निर्णय बताया। वहीं, मुकदमे समाप्त होने के बाद आरोपितों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली।
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