डीएम के निर्देश पर कार्रवाई, सरकारी भूमि और सार्वजनिक मार्गों पर अतिक्रमण करने वालों को चेतावनी
आजमगढ़: जनपद में शासकीय भूमि, सार्वजनिक मार्गों और चकमार्गों पर अवैध कब्जा करने तथा कूटरचित अभिलेखों के जरिए राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के निर्देश पर तहसील प्रशासन और राजस्व विभाग ने जांच के बाद तीन अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज कराते हुए विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन के अनुसार सरकारी भूमि, सार्वजनिक उपयोग की संपत्तियों और चकमार्गों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही फर्जी दस्तावेजों या धोखाधड़ी के माध्यम से राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज कराने वालों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। पहले मामले में सरायमीर क्षेत्र के कोठिया निवासी राजेन्द्र यादव के खिलाफ कार्रवाई की गई है। राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने स्थलीय निरीक्षण के दौरान उन्हें चकमार्ग पर अतिक्रमण न करने की चेतावनी दी थी। आरोप है कि इसके बावजूद उन्होंने रात में बार्जा और पोर्च का निर्माण कर चकमार्ग पर कब्जा कर लिया। इससे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा और लोगों के आवागमन में बाधा उत्पन्न हुई। मामले में तहसील प्रशासन की तहरीर पर थाना सरायमीर में एफआईआर दर्ज कराई गई है। दूसरे प्रकरण में निजामाबाद तहसील के अल्लीपुर निवासी दयाराम यादव पर चकमार्ग को बाधित करने का आरोप है। जांच में पाया गया कि उन्होंने चकमार्ग पर मिट्टी डलवाकर ट्रैक्टर खड़ा कर दिया तथा पानी बहाकर रास्ते को अवरुद्ध कर दिया, जिससे ग्रामीणों के आवागमन में परेशानी हुई। मामले की जांच के बाद संबंधित लेखपाल ने थाना रानी की सराय में प्राथमिकी दर्ज कराई है। वहीं तीसरे मामले में मेंहनगर तहसील क्षेत्र के दवईत निवासी अभय यादव के खिलाफ कूटरचित तरीके से सहखातेदार के रूप में नाम दर्ज कराने का मामला सामने आया है। जांच के दौरान राजस्व अभिलेखों में अनियमितता मिलने पर संबंधित राजस्व निरीक्षक ने उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कराई है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने कहा कि सरकारी भूमि, सार्वजनिक मार्गों, चकमार्गों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध कब्जा किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारों और राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों की नियमित निगरानी की जाए और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि सरकारी भूमि और सार्वजनिक संसाधनों की सुरक्षा बनी रहे तथा आमजन के हितों का संरक्षण हो सके।
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