फर्जी फर्मों और म्यूल खातों के जरिए कर रहे थे साइबर ठगी,₹10 लाख कराए गए फ्रीज
आजमगढ़: जनपद पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए देशव्यापी साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। साइबर सेल और अहरौला थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने चार शातिर आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जिनका संबंध देशभर में दर्ज 448 साइबर शिकायतों से पाया गया है। जांच के दौरान साइबर ठगी से जुड़े करीब 10 लाख रुपये फ्रीज कराए गए, जबकि एक बैंक खाते में मात्र तीन दिनों के भीतर लगभग 40 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार समन्वय पोर्टल पर प्राप्त म्यूल खातों की जांच के दौरान महत्वपूर्ण सुराग मिले। साइबर सेल द्वारा की गई तकनीकी और वित्तीय जांच में पता चला कि भारतीय स्टेट बैंक में फर्जी फर्मों के नाम पर खोले गए खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि के लेन-देन में किया जा रहा था। एनसीआरपी पोर्टल पर इन खातों के संबंध में देश के विभिन्न राज्यों से कुल 448 शिकायतें दर्ज मिलीं। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य फर्जी फर्में बनाकर उनके नाम पर करंट खाते खुलवाते थे। इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त रकम को तेजी से विभिन्न खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। आरोपित भोले-भाले लोगों को लालच देकर उनके नाम पर फर्म और बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और खातों से जुड़े मोबाइल नंबर अपने कब्जे में लेकर साइबर ठगी की रकम का संचालन करते थे। बाद में रकम निकालकर गिरोह के सदस्यों के बीच बांट दी जाती थी। पुलिस को सूचना मिलने पर साइबर सेल और अहरौला थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने दुर्वासा मंदिर के पास घेराबंदी कर चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान सुधाकर पुत्र राम समुझ, निवासी ग्राम इटौरा, थाना अहरौला, नितिन मिश्रा पुत्र हरेन्द्र मिश्रा, निवासी ग्राम मखदूमपुर, थाना तहबरपुर, नवनीत सिंह पुत्र राकेश सिंह, निवासी ग्राम शम्भूपुर पुरा गहजी, थाना अहरौला और सुमित सिंह पुत्र विजय बहादुर सिंह, निवासी ग्राम बाकरकोल, थाना अहरौला, जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई है। पूछताछ, डिजिटल साक्ष्यों और बरामद दस्तावेजों के आधार पर साइबर अपराध में उनकी संलिप्तता की पुष्टि होने पर अहरौला थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से छह एटीएम कार्ड, फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी, कूटरचित मुहरें, दो ब्लैंक चेक, एक विदेशी सिम कार्ड, चार मोबाइल फोन तथा विभिन्न व्यक्तियों के पहचान पत्र बरामद किए हैं। इसके अलावा एक महिंद्रा थार रॉक्स और एक होंडा मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य फरार आरोपितों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। साथ ही बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच जारी है, जिससे साइबर ठगी नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने नाम से बैंक खाता, फर्म या सिम कार्ड उपलब्ध न कराएं। किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की जानकारी तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम पुलिस स्टेशन को दें।
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