एमपी-एमएलए कोर्ट ने अभियोजन की अर्जी मंजूर कर समाप्त किए दोनों मामले
आजमगढ़: एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट के न्यायाधीश अनुपम कुमार त्रिपाठी ने पूर्व सांसद नीलम सोनकर व अन्य के विरुद्ध दर्ज आचार संहिता उल्लंघन के दो मुकदमों को वापस लेने की अनुमति दे दी। अदालत के आदेश के बाद दोनों मामलों का निस्तारण कर दिया गया। पूर्व सांसद नीलम सोनकर के अधिवक्ता विश्व दीपक श्रीवास्तव ने बताया कि लोकसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता उल्लंघन के आरोप में उनके विरुद्ध दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज हुए थे। पहला मुकदमा 19 अप्रैल 2009 को बरदह थाने में तथा दूसरा 20 मार्च 2014 को देवगांव थाने में दर्ज कराया गया था। दोनों मामलों की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही थी और गवाही की प्रक्रिया जारी थी। इसी बीच राज्य सरकार ने सांसदों और विधायकों के विरुद्ध दर्ज आचार संहिता उल्लंघन, चक्का जाम तथा इसी प्रकार के छोटे मामलों में अभियोजन वापस लेने की अनुमति मांगी थी। इस संबंध में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जनवरी 2026 में मुकदमा वापस लेने की अनुमति प्रदान की थी। हाईकोर्ट से अनुमति मिलने के बाद अभियोजन अधिकारी की ओर से पूर्व सांसद नीलम सोनकर व अन्य के विरुद्ध लंबित दोनों मुकदमों को वापस लेने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के उपरांत एमपी-एमएलए कोर्ट ने अभियोजन की अर्जी स्वीकार करते हुए दोनों मामलों को समाप्त कर दिया।
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