कूटरचित दस्तावेजों के सहारे गंभीर मामलों के अपराधियों की कराता था जमानत, हिस्ट्रीशीटर पर दर्ज हैं 25 मुकदमें
आजमगढ़: फर्जी दस्तावेजों के आधार पर गंभीर अपराधों में बंद आरोपितों की जमानत कराने वाले गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पकड़ा गया आरोपित 25 मुकदमों में वांछित हिस्ट्रीशीटर है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार 30 मई को उपनिरीक्षक चंद्र प्रकाश कश्यप, चौकी प्रभारी कचहरी ने थाना कोतवाली नगर में तहरीर देकर बताया था कि कुछ तथाकथित वकील और जमानतदार अनुचित आर्थिक लाभ कमाने के लिए डकैती, लूट, हत्या, चोरी, नकबजनी, गैंगस्टर एक्ट और अवैध शस्त्र जैसे गंभीर मामलों में जेल में निरुद्ध आरोपितों से मिलीभगत कर कूटरचित अभिलेखों का इस्तेमाल कर रहे थे। जांच में सामने आया कि एक ही जमानतदार द्वारा एक जैसे दस्तावेजों का उपयोग कर कई आरोपितों की जमानत कराई गई, जिससे संगठित गिरोह के सक्रिय होने की पुष्टि हुई। इस मामले में थाना कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत जीयनपुर पुलिस ने आरोपित रामचन्द्र यादव उर्फ मैकू यादव उर्फ सत्यम यादव पुत्र स्वर्गीय कन्हैया यादव निवासी ग्राम भरौली, थाना जीयनपुर, जनपद आजमगढ़ को गोरखपुर जिला कारागार के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक रामचन्द्र यादव के खिलाफ आजमगढ़, मऊ, जौनपुर और वाराणसी के विभिन्न थानों में चोरी, लूट, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट, धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े समेत 25 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपित के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही फर्जी जमानत रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार सिंह, उपनिरीक्षक विनय कुमार यादव, हेड कांस्टेबल केश्वेन्द्र प्रताप सिंह, कांस्टेबल अजय कुमार, संजय कुमार वर्मा, आरक्षी शिवम तिवारी और महिला आरक्षी शिवानी शामिल रहीं।
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