मुबारकपुर पुलिस ने प्रतिबंधित पशु अवशेष प्रकरण का किया खुलासा
आजमगढ़: जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मुबारकपुर पुलिस ने प्रतिबंधित गोवंशीय पशु वध प्रकरण का सफल अनावरण करते हुए एक आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। उसके कब्जे से अवैध असलहा व कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, 1 मई 2026 को चौकी लोहरा क्षेत्र के ग्रीन पैराडाइज ढाबा के पीछे फखरुद्दीनपुर गांव स्थित भीटा पर प्रतिबंधित पशु के अवशेष मिलने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पशु के सिर, खाल व अन्य अवशेष बरामद कर पशु चिकित्सा अधिकारी को सौंपा और शेष अवशेषों को जमीन में गड़वाया। इस संबंध में थाना मुबारकपुर में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान आरोपी की पहचान सलमान अहमद पुत्र मुश्ताक मुकादिम निवासी ग्राम खैराबाद थाना मोहम्मदाबाद जनपद मऊ, उम्र लगभग 24 वर्ष के रूप में हुई। 2 मई की रात पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी दामोदरपुर मार्ग स्थित एक बाग में मौजूद है और किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में है। घेराबंदी के दौरान आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई फायरिंग में आरोपी के बाएं पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपी के पास से एक अवैध तमंचा, तीन जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस, एक मोबाइल फोन व 250 रुपये नकद बरामद हुए हैं। पुलिस ने उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर छुट्टा गोवंशीय पशुओं को पकड़कर उनका वध करता था और मांस बेचता था। घटना वाली रात भी वह अपने जीजा व अन्य साथियों के साथ मिलकर फखरुद्दीनपुर में एक लावारिस पशु का वध कर रहा था, लेकिन आहट मिलने पर सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे। इस पूरी कार्रवाई में मुबारकपुर थाना पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसकी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सराहना की गई है।
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