जिलाधिकारी ने समीक्षा बैठक में बढ़ाया डिस्पोजल लक्ष्य, ग्रामीणों की समस्याएं सुनने पर दिया जोर
आजमगढ़: कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में चकबंदी विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि सभी चकबंदी अधिकारी नियमित रूप से कोर्ट में बैठना सुनिश्चित करें और लंबित मामलों के निस्तारण (डिस्पोजल) की संख्या बढ़ाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रक्रियाधीन चकबंदी ग्रामों से किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की शिकायत नहीं आनी चाहिए। विशेष रूप से सरायमोहन ग्राम में चल रहे चकबंदी कार्य को अगस्त माह के अंत तक हर हाल में पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी एसओसी को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण करें और ग्राम स्तर पर बैठक आयोजित कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनें तथा उनका नियमानुसार समाधान कराएं। उन्होंने कहा कि चकबंदी कार्य में पारदर्शिता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित चकबंदी लेखपालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने धारा 52 के अंतर्गत चल रहे कार्यों को मई के प्रथम सप्ताह तक पूर्ण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि जो चकबंदी लेखपाल लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात हैं, उनके कार्यक्षेत्र में बदलाव किया जाए। साथ ही पिछले एक वर्ष में आईजीआरएस पोर्टल पर सबसे अधिक शिकायत वाले पांच लेखपालों को अन्य तहसीलों में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव ओझा, उपसंचालक चकबंदी रामकिशोर सहित सभी संबंधित अधिकारी एवं एसओसी उपस्थित रहे।
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