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आजमगढ़: मां-बच्चों के स्वास्थ्य पर फोकस, संस्थागत प्रसव बढ़ाने के निर्देश



जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम के सख्त निर्देश, लापरवाही पर वेतन रोकने व तबादले की चेतावनी

आजमगढ़: जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति पर गहन मंथन किया गया। बैठक में डीएम ने स्पष्ट किया कि मां और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समीक्षा के दौरान आशाओं के भुगतान से जुड़ी पीपीटी में तथ्यों को छुपाने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए नेशनल हेल्थ मिशन के प्रोग्राम ऑफिसर (डीपीएम) का वेतन रोकने के निर्देश मुख्य चिकित्साधिकारी को दिए। वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुबारकपुर में एक माह में मात्र तीन प्रसव होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी एमओआईसी को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक माह कम से कम 15 संस्थागत प्रसव सुनिश्चित कराए जाएं। मेहनगर के एमओआईसी के खिलाफ शिकायत मिलने पर उनके स्थानांतरण के भी निर्देश दिए गए। डीएम ने टीकाकरण कार्यक्रम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करते हुए यू-विन पोर्टल पर डेटा फीड किया जाए तथा एमआर-1 और एमआर-2 टीकाकरण की प्रगति बढ़ाई जाए। जिन क्षेत्रों में टीकाकरण की स्थिति कमजोर है, वहां विशेष अभियान चलाने और जनप्रतिनिधियों व स्कूलों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए गए। क्षय रोग नियंत्रण की समीक्षा में बताया गया कि 24 मार्च से 1 जुलाई 2026 तक 100 दिवसीय टीबी अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें संदिग्ध मरीजों की पहचान कर जांच और उपचार किया जा रहा है, साथ ही चिन्हित मरीजों को पोषण पोटली वितरित की जा रही है। आयुष्मान भारत योजना के तहत शेष आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के गोल्डेन कार्ड बनाने के लिए 1 मई से विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। डीएम ने यह भी कहा कि जन औषधि केंद्रों में उपलब्ध दवाओं की सूची बाहर प्रदर्शित की जाए और डॉक्टर केवल वही दवाएं लिखें जो इन केंद्रों पर उपलब्ध हों। भीषण गर्मी को देखते हुए सभी सीएचसी और पीएचसी में लू से बचाव के पर्याप्त इंतजाम करने, कोल्ड रूम और बेड की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही डायल 102 व 108 एम्बुलेंस की रिस्पॉन्स टाइम बेहतर करने पर भी जोर दिया गया। डीएम ने कहा कि गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीकरण कर एचएमआईएस पोर्टल पर डेटा अपलोड किया जाए तथा एनीमिया से ग्रसित बच्चों और महिलाओं की पहचान कर उन्हें आयरन की गोलियां वितरित की जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन योजनाओं की प्रगति राज्य औसत से कम है, उनमें तेजी लाकर पोर्टल पर शत-प्रतिशत फीडिंग सुनिश्चित की जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनआर वर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी एवं एमओआईसी उपस्थित रहे।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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