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आजमगढ़: आस्था, विरासत और विकास का संगम: पर्यटन के नए युग में प्रवेश करता आजमगढ़


13.19 करोड़ से 11 स्थलों का कायाकल्प, ईको-टूरिज्म से खुलेगा विकास का नया रास्ता

आजमगढ़: पूर्वांचल की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए जनपद आजमगढ़ तेजी से पर्यटन विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की व्यापक योजना पर तेजी से काम हो रहा है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के नेतृत्व में जनपद पर्यटन के नए युग में प्रवेश करता नजर आ रहा है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा जनपद की 11 महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए 13 करोड़ 19 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके सापेक्ष 5 करोड़ 95 लाख रुपये की पहली किश्त जारी भी हो चुकी है। यह निवेश धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ आधारभूत सुविधाओं के विकास को गति देगा।
जनपद के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में स्थित प्राचीन स्थलों को नए स्वरूप में विकसित किया जा रहा है। सगड़ी क्षेत्र के कैवल्य धाम शिव मंदिर साल्हेपुर, मुबारकपुर के डिलिया स्थित हनुमान मंदिर, लालगंज के ढेकवा स्थित ब्रह्मबाबा स्थल और अजमतगढ़ के प्राचीन हनुमान मंदिर जैसे स्थानों पर विकास कार्य शुरू हो चुके हैं। इसी क्रम में फूलपुर-पवई क्षेत्र के दुर्वासा ऋषि आश्रम और गढ़वा हनुमान मंदिर, निजामाबाद के दत्तात्रेय आश्रम, दीदारगंज के बंधवा महादेव पातालपुरी मंदिर और गोपालपुर के तेजबर बाबा मंदिर को भी विकसित किया जा रहा है। सदर क्षेत्र में एकलव्य स्थल और भगवान शंकर जी स्थान के विकास कार्य भी तेजी से चल रहे हैं, जिससे शहर के धार्मिक स्थलों की तस्वीर बदलने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और जनपद में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी। पर्यटन विकास के साथ-साथ ईको-टूरिज्म की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया गया है। सदर क्षेत्र स्थित चंद्रमा ऋषि आश्रम, सिलनी को ईको-टूरिज्म परियोजना के तहत विकसित किया जा रहा है, जिसके लिए 5 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। यह परियोजना प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक वातावरण को जोड़ते हुए पर्यटकों के लिए नया आकर्षण बनेगी।
इन योजनाओं का सीधा लाभ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलने की उम्मीद है। निर्माण कार्यों से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, वहीं परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद होटल, परिवहन और स्थानीय व्यवसायों को भी गति मिलेगी। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में “आस्था के साथ विकास” की परिकल्पना को साकार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी कार्यों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं और उनकी नियमित समीक्षा की जा रही है।
तेजी से आगे बढ़ता यह पर्यटन विकास कार्यक्रम आजमगढ़ को प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करने की दिशा में मजबूत कदम साबित हो रहा है। आने वाले समय में यह जनपद न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि पर्यटन और आर्थिक विकास का नया मॉडल भी प्रस्तुत करेगा।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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