सीडीओ की अध्यक्षता में बैठक, कचरा प्रबंधन और वृक्षारोपण महाभियान पर बनी कार्ययोजना
आजमगढ़: कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना की अध्यक्षता में जिला पर्यावरण, वेटलैंड, वृक्षारोपण एवं जिला गंगा समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। सीडीओ ने कहा कि पर्यावरण सुरक्षा के दृष्टिगत ठोस अपशिष्ट, जैव चिकित्सा अपशिष्ट, प्लास्टिक अपशिष्ट एवं ई-अपशिष्ट प्रबंधन पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने तमसा नदी में गिर रहे नालों के शोधन के लिए आयारेमेडियेशन प्रक्रिया के तहत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में जनपद के ताल सलोना को रामसर स्थल घोषित कराने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। सीडीओ ने बताया कि इसके लिए आवश्यक अभिलेख अंतिम चरण में हैं और डीपीआरओ, राजस्व एवं वन विभाग को शीघ्र कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही 1810 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष 1479 में गठित आर्द्रभूमि समितियों के अलावा शेष 331 ग्राम पंचायतों में भी जल्द समिति गठन कराने को कहा गया। वृक्षारोपण महाभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सीडीओ ने निर्देश दिया कि सभी विभाग अपने-अपने लक्ष्य के अनुसार कार्ययोजना शीघ्र तैयार कर वन विभाग को उपलब्ध कराएं। वर्ष 2026-27 के लिए भूमि चिन्हांकन, मृदा कार्य और अन्य तैयारियां समय से पूरी करने पर जोर दिया गया। उन्होंने वर्ष 2025-26 में लगाए गए पौधों की सुरक्षा, सिंचाई व अनुरक्षण सुनिश्चित करने तथा डाटा को नियमित रूप से सीएम डैशबोर्ड पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए। सीडीओ ने वृक्षारोपण स्थलों पर अतिक्रमण हटाने के सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में पौधारोपण स्थल पर कब्जा नहीं होना चाहिए। जिला गंगा समिति की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि एक नदी को चिन्हित कर उसके उद्गम से बड़ी नदी में मिलने तक प्रवाह को सुगम बनाने के लिए संयुक्त रूप से कार्य किया जाए। साथ ही स्वच्छता पखवाड़ा के तहत जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को नदियों की स्वच्छता के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। बैठक में डीएफओ आकांक्षा जैन, मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव ओझा, उपायुक्त मनरेगा राम उदरेज यादव, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. उमाशरण पाण्डेय, डीपीआरओ पवन कुमार, उप कृषि निदेशक आशीष कुमार, जल निगम, पीडब्ल्यूडी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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