कहा,विपक्षी दलों ने महिलाओं के अधिकारों से किया विश्वासघात
आजमगढ़: शहर के हरिऔध कला केंद्र में आयोजित जन आक्रोश महिला सम्मेलन में प्रदेश के प्रभारी मंत्री व कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला और महिला सशक्तिकरण को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि 16 और 17 अप्रैल को संसद में महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के दौरान कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके ने विरोध कर देश की आधी आबादी के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों की महिला-विरोधी मानसिकता खुलकर सामने आ गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी उनका अधिकार है, कोई उपकार नहीं। जो लोग इस ऐतिहासिक अवसर में बाधा बने हैं, उन्हें आने वाले चुनावों में महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। मंत्री ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बयान का हवाला देते हुए कहा कि परिसीमन से किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा, बल्कि संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा। विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को उन्होंने निराधार बताया। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर धर्म आधारित आरक्षण की मांग उठाकर प्रक्रिया को भटकाने का आरोप लगाया और कहा कि यह केवल तुष्टिकरण की राजनीति है। साथ ही उन्होंने कहा कि विपक्षी दल महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित करने की साजिश कर रहे हैं। मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का क्रियान्वयन परिसीमन से जुड़ा है और इसमें देरी करना महिलाओं के अधिकारों में देरी के समान है। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की महिलाएं अब जागरूक हैं और अपने अधिकारों के लिए निर्णायक भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी महिला सशक्तिकरण और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और महिला विरोधी ताकतों के खिलाफ मजबूती से संघर्ष करेगी। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष नीलम सोनकर, जिलाध्यक्ष आजमगढ़ ध्रुव सिंह, जिलाध्यक्ष लालगंज विनोद राजभर, मंजू सरोज, सीता चौहान, संचिता श्री चौहान, वंदना सिंह, विभा बर्नवाल, बबिता जसरासरिया, मिथिलेश पाण्डेय, अनीता पटेल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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