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आजमगढ़: नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सम्मेलन हुआ, महिलाओं ने जताया आभार




नेहरू हॉल में संगोष्ठी व प्रेस वार्ता की, 33% आरक्षण से महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर

आजमगढ़ : जनपद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम विषयक सम्मेलन एवं प्रेस वार्ता का आयोजन नेहरू हॉल में भव्य एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में चिकित्सक, शिक्षाविद, समाजसेवी, साहित्यकार एवं विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित महिलाओं ने भाग लेकर अधिनियम के महत्व और उसके सकारात्मक प्रभावों पर चर्चा की। कार्यक्रम की भूमिका रखते हुए जिला सूचना अधिकारी डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से इस सम्मेलन का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि 16 से 18 अप्रैल तक संसद में आयोजित विशेष सत्र महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसकी गूंज जनपद स्तर पर भी देखने को मिल रही है।
प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. ज्योत्सना द्विवेदी ने कहा कि इस अधिनियम के लागू होने से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, जिससे समावेशी विकास को गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित किए जाने का प्रावधान ऐतिहासिक कदम है।
डीएवी पीजी कॉलेज की प्रोफेसर एवं साहित्यकार डॉ. गीता सिंह ने कहा कि यह अधिनियम राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ ही निर्णय प्रक्रिया में उनकी भूमिका को सशक्त करेगा और लैंगिक समानता को बढ़ावा देगा।
समाजसेवी विभा बरनवाल ने अधिनियम की संवैधानिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह 128वां संवैधानिक संशोधन विधेयक है, जिसे सितंबर 2023 में संसद द्वारा पारित किया गया था। इसका उद्देश्य महिला नेतृत्व को बढ़ावा देना और लोकतांत्रिक ढांचे में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. ऋतम्भरा ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं की भागीदारी हर क्षेत्र में बढ़ रही है और अब उन्हें नीति निर्धारण में भी समान अवसर मिलना चाहिए। नारी शक्ति संस्थान की सचिव डॉ. पूनम तिवारी ने कहा कि आजादी की लड़ाई से लेकर संविधान निर्माण तक महिलाओं का योगदान अतुलनीय रहा है और यह अधिनियम उसी योगदान को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अन्य वक्ताओं में डॉ. नेहा, सुमन सिंह राजपूत, मिथिलेश पाण्डेय सहित कई महिलाओं ने अपने विचार रखते हुए कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना तभी साकार होगी, जब देश की आधी आबादी निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएगी। कार्यक्रम के अंत में जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह ने उपस्थित सभी मातृ शक्तियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से अधिनियम के विभिन्न आयामों पर व्यापक चर्चा होती है और समाज में जागरूकता बढ़ती है। इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी सुबोध सिंह, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत अशोक मद्धेशिया सहित स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम, छात्राएं व शिक्षिकाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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