मोबाइल व आधुनिक जीवनशैली से बढ़ रहा तनाव, योग शिविर में विशेषज्ञों ने दिए स्वास्थ्य के टिप्स
आजमगढ़: स्वस्थ जीवन के लिए योग, ध्यान और संतुलित भोजन को अपनाना बेहद जरूरी है। योग मंच कुंवर सिंह उद्यान में आयोजित योग शिविर में जिले के चर्चित योगगुरु देवविजय यादव के सानिध्य में लोगों को योगाभ्यास कराया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अमित सिंह ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दौर में सबसे बड़ी चुनौती अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना और संतुलित जीवनशैली बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि मोबाइल और आधुनिक तकनीक के अत्यधिक उपयोग से मानसिक तनाव तेजी से बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर हृदय गति और समग्र स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि लगातार मोबाइल पर रील्स देखने से मस्तिष्क को आराम नहीं मिल पाता, जिससे मन चंचल और अशांत हो जाता है। यह स्थिति धीरे-धीरे मानसिक दबाव (मेंटल प्रेशर), शरीर में जकड़न, थकान और बेचैनी के रूप में सामने आती है। डॉ. सिंह ने कहा कि ऐसे समय में योग और ध्यान सबसे प्रभावी उपाय हैं। ध्यान के माध्यम से व्यक्ति अपने मन को बाहरी उत्तेजनाओं से हटाकर भीतर की शांति की ओर ले जा सकता है। प्राणायाम और ध्यान करने से मस्तिष्क को विश्राम मिलता है, हृदय गति सामान्य होती है और तनाव धीरे-धीरे समाप्त हो जाता है। उन्होंने बताया कि भारत में लगभग 80 प्रतिशत लोगों का पेट निकला हुआ है और डायबिटीज के मामलों में देश अग्रणी है। किडनी रोग भी तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसका मुख्य कारण गलत खान-पान और निष्क्रिय जीवनशैली है। उन्होंने विशेष रूप से बैठकर काम करने वाले लोगों को सलाह दी कि वे अपने भोजन में संयम रखें और चावल-रोटी का सेवन सीमित करें। योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि जीवन को पूर्ण रूप से संतुलित और स्वस्थ बनाते हैं। तीन बातों का रखें विशेष ध्यान डॉ. सिंह ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे इन तीन बातों पर विशेष ध्यान दें कि वह क्या खाते हैं, क्या देखते हैं,क्या सोचते हैं। उन्होंने प्राकृतिक भोजन, फल, सलाद और कम पके हुए आहार को अपनाने तथा रोज कम से कम एक घंटा स्वास्थ्य के लिए देने पर जोर दिया। अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि जीवनशैली में सुधार कर उन्होंने अपना वजन 98 किलो से घटाकर करीब 75 किलो तक नियंत्रित किया। अंत में उन्होंने कहा, “नौकरी, पैसा और साधन दोबारा मिल सकते हैं, लेकिन शरीर एक बार खराब हो गया तो वापस नहीं मिलता, इसलिए स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें।”
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