‘डिजिटल अरेस्ट’ का भय दिखाकर की गई ठगी, पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई
आजमगढ़: जनपद के थाना सिधारी क्षेत्र में साइबर ठगी का शिकार हुए एक युवक को पुलिस की सक्रियता से बड़ी राहत मिली है। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए पीड़ित के खाते में पूरी धनराशि वापस कराई। थाना सिधारी क्षेत्र के चौबाना निवासी विवेक चौधरी को एक अज्ञात कॉलर ने स्वयं को साइबर पुलिस अधिकारी बताते हुए ‘डिजिटल अरेस्ट’ का भय दिखाया। कॉलर ने उन पर आपत्तिजनक वेबसाइट देखने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की धमकी दी। भयभीत होकर पीड़ित ने जल्दबाजी में 21,500 रुपये संबंधित खाते में ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने साइबर शिकायत संख्या 33109250128260 दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही थाना सिधारी की साइबर टीम ने साइबर सेल आजमगढ़ के सहयोग से त्वरित कार्रवाई करते हुए आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण की और पीड़ित के खाते में पूरी धनराशि 21,500 रुपये वापस करा दी। पुलिस ने आमजन को आगाह किया है कि किसी भी अज्ञात कॉल पर विश्वास न करें और ओटीपी या निजी जानकारी साझा न करें। ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे झांसे पूरी तरह फर्जी होते हैं। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें अथवा नजदीकी साइबर हेल्प डेस्क से संपर्क करें। पुलिस टीम में उ0नि0 विधनेश वर्मा,महिला कांस्टेबल रीना यादव, थाना सिधारी, जनपद आजमगढ़ थे।
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