अदालत ने दोषी पर 1.20 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया
आजमगढ़: दुष्कर्म के बाद हत्या के चर्चित मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने मुख्य आरोपी को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जबकि साक्ष्य के अभाव में दो अन्य आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-1) अमर सिंह ने शुक्रवार को सुनाया। अभियोजन के अनुसार मुबारकपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की 18 वर्षीय युवती 15 अगस्त 2020 की रात घर से लापता हो गई थी। अगले दिन गांव के बाहर स्थित एक पोखरे में उसका शव बरामद हुआ। मामले में मृतका के पिता की तहरीर पर कप्तानगंज थाना क्षेत्र के बनकट जगदीशपुर निवासी शुभम गोंड तथा गांव के ही संदीप गोंड और बिंदु गोंड के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि शुभम गोंड ने अपने सहयोगियों संदीप और बिंदु के साथ मिलकर युवती का अपहरण किया, उसके साथ दुष्कर्म किया और बाद में गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को पोखरे में फेंक दिया गया। पुलिस ने विवेचना पूरी कर तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विपिन कुमार गिरि ने 12 गवाहों को पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मुख्य आरोपी शुभम गोंड को कठोर आजीवन कारावास के साथ 1.20 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर संदीप गोंड और बिंदु गोंड को बरी कर दिया गया।
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