पूर्व मंत्रियों सहित कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद,2027 में बदलाव का किया आह्वान
आजमगढ़:विश्वकर्मा भवन नरौली में अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के तत्वावधान में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज की एकजुटता, राजनीतिक हिस्सेदारी और अधिकारों को लेकर जोरदार आवाज उठी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा रहे। विशिष्ट अतिथियों में पूर्व मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव, चन्ददेव राम यादव, जिलाध्यक्ष हवलदार यादव, विधायक अखिलेश यादव तथा करूणाकान्त मौर्य शामिल रहे। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष बीरेंद्र विश्वकर्मा ने की, जबकि संचालन नगर अध्यक्ष दिनेश विश्वकर्मा ने किया। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि समाजवादी विचारधारा और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की एकता ही देश के लिए सबसे बेहतर रास्ता है। वक्ताओं का कहना था कि इसी विचारधारा से समाज की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित हो सकता है। वक्ताओं ने कहा कि विश्वकर्मा समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी लगभग शून्य है, जिसके चलते उसकी समस्याएं सदन में नहीं उठ पातीं। उन्होंने कहा कि जिस समाज का प्रतिनिधित्व सरकार में नहीं होता, उसका समुचित विकास संभव नहीं है। समारोह में बताया गया कि विश्वकर्मा समाज की जनसंख्या लगभग 7 प्रतिशत है और हर विधानसभा में 10 से 15 हजार वोटर हैं, लेकिन संगठन की कमी के कारण ताकत नजर नहीं आती। वक्ताओं ने एकजुट होकर निर्णय लेने और मतदान की ताकत दिखाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में भाजपा सरकार पर समाज की अनदेखी और उपेक्षा के आरोप लगाए गए। वक्ताओं ने कहा कि विश्वकर्मा समाज को उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया, जबकि समाजवादी सरकार में पहचान और सम्मान मिला था। सभा में वर्ष 2027 के चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने समाजवादी पार्टी को मजबूत करने और पीडीए की ताकत बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में राम अवतार विश्वकर्मा, अमरनाथ विश्वकर्मा, सुनील दत्त विश्वकर्मा, हरिकेश विश्वकर्मा, मनीष विश्वकर्मा, संजय विश्वकर्मा, हरिराम विश्वकर्मा, विनोद विश्वकर्मा, शम्भूनाथ विश्वकर्मा, संदीप विश्वकर्मा, राकेश विश्वकर्मा, राम समुझ विश्वकर्मा सहित अन्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
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