आईजीआरएस पटल सहायक को प्रतिकूल प्रविष्टि, तहसीलदार से स्पष्टीकरण तलब
आगन्तुकों के बैठने एवं शुद्ध पेयजल की तत्काल करायी जाय व्यवस्था-आयुक्त
आजमगढ़ 17 फरवरी-- शासन के पूर्व निर्देश के क्रम में मण्डलायुक्त विवेक एवं अपर आयुक्त (प्रशासन) शमशाद हुसैन द्वारा मंगलवार को तहसील सदर, आजमगढ़ का निर्धारित बिन्दुओं पर निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान आयुक्त को तहसील परिसर में साफ-सफाई खराब मिली। उन्होने शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, आगन्तुकों के बैठने आदि की तत्काल समुचित व्यवस्था कराने के सम्बन्ध में निर्देश दिया। लम्बित वादों के निस्तारण के निरीक्षण के दौरान मण्डलायुक्त ने संबंधित पीठासीन अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभिन्न धाराओं के अन्तर्गत 03 वर्ष से अधिक एवं 05 वर्ष से अधिक अवधि से लम्बित राजस्वों वादों के निस्तारण को प्राथमिकता देते हुए मानक के अनुरूप वादों का निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होने आईजीआरएस पटल के निरीक्षण में पाया कि 4-5 माह से नियमित रूप से रजिस्टर में अंकन नही किया गया है, जो अंकन किया भी गया है, वह प्रविष्टियां गलत अंकित की गयी हैं तथा संदर्भों का निस्तारण भी गुणवत्ता के अनुरूप नही है। मण्डलायुक्त ने इस स्थिति पर सख्त नाराजगी व्यक्त किया। मौके पर उपस्थित उप जिलाधिकारी श्री नरेन्द्र गंगवार द्वारा बताया गया कि आईजीआरएस पटल सहायक संजय कुमार के विरूद्ध कार्याें में लापरवाही, शिथिलता आदि मिलने पर पूर्व से ही विभागीय कार्यवाही प्रचलित है। मण्डलायुक्त ने आईजीआरएस पटल के दयनीय स्थिति पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित पटल सहायक संजय कुमार को प्रतिकूल प्रविष्टि देने हेतु निर्देशित किया। इसके साथ ही पर्यवेक्षणीय दायित्वों के निर्वहन में प्रथम दृष्ट्या शिथिलता पाये जाने पर तहसीलदार सदर योगानन्द पाण्डेय से भी स्पष्टीकरण तलब किया। मण्डलायुक्त श्री विवेक एवं अपर आयुक्त श्री शमशाद हुसैन द्वारा अपने सघन निरीक्षण के दौरान संग्रह अनुभाग एवं रिकार्ड रूम का भी बारिकी से मुआयना किया गया। संग्रह अनुभाग में विद्युत देयों की वसूली में लक्ष्य से कम प्रगति पायी गयी। इस सम्बन्ध में मण्डलायुक्त ने निर्देश दिया कि उप जिलाधिकारी संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित कर साप्ताहिक समीक्षा करते हुए वसूली में अपेक्षित तेजी लाना सुनिश्चित करें। उन्होने यह भी कहा कि दोषी विद्युत उपभोक्ताओं के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही भी सुनिश्चित करें। इसी प्रकार रिकार्ड रूम के निरीक्षण में उन्होने अभिलेखों के अव्यवस्थित रख-रखाव को तत्काल दुरूस्त कराने एवं आवश्यकतानुसार पुरानी पत्रावलियों की बीडिंग भी सुनिश्चित कराने हेतु निर्देशित किया। उन्होने निरीक्षण के दौरान उपस्थित उप जिलाधिकारी, तहसीलदार आदि को प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक कार्यालय कक्ष मंे अनिवार्य रूप से बैठकर जन समस्याओं को सुनने और उसका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराये जाने के प्रति आगाह किया।
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