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आजमगढ़: डा० दुर्गा प्रसाद द्विवेदी के निधन से जिले में शोक की लहर


समर्पित शिक्षक, कुशल प्रशासक एवं मार्गदर्शक के रूप में रही विशिष्ट पहचान

आजमगढ़: जनपद के शिक्षा जगत से एक अत्यंत दुखद समाचार सामने आया है। चंदेश्वर क्षेत्र की शैक्षिक पहचान रहे डॉक्टर दुर्गा प्रसाद द्विवेदी का 81 वर्ष की आयु में 17 फरवरी 2026 को निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही शिक्षकों, विद्यार्थियों, शुभचिंतकों एवं क्षेत्रवासियों में गहरा शोक व्याप्त हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डॉक्टर दुर्गा प्रसाद द्विवेदी का जन्म 15 अगस्त 1945 को चंदेश्वर में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा चंदेश्वर से ही हुई। उन्होंने स्नातक की पढ़ाई भी चंदेश्वर से पूरी की। इसके पश्चात उच्च शिक्षा प्राप्त करते हुए पोस्ट ग्रेजुएशन एवं पीएचडी की डिग्री Banaras Hindu University से हासिल की।
डॉक्टर द्विवेदी का शैक्षिक जीवन अनुकरणीय रहा। उन्होंने श्री दुर्गा जी पी जी कॉलेज में कुल 34 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं। इस दौरान उन्होंने एक समर्पित शिक्षक, कुशल प्रशासक एवं प्रेरक मार्गदर्शक के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। 1 जुलाई 1986 से 30 जून 2010 तक उन्होंने प्राचार्य पद की जिम्मेदारी संभाली और महाविद्यालय के शैक्षिक विकास, अनुशासन एवं संस्थागत सुदृढ़ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके व्यक्तित्व की प्रमुख विशेषताएं सरलता, अनुशासनप्रियता एवं विद्यार्थियों के प्रति आत्मीय व्यवहार रही। सहकर्मियों एवं विद्यार्थियों के बीच वह सदैव सम्मानित रहे। उनके मार्गदर्शन में अनेक विद्यार्थियों ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, डॉक्टर दुर्गा प्रसाद द्विवेदी का अंतिम संस्कार 18 फरवरी 2026 को वाराणसी में किया जाएगा।
डॉक्टर द्विवेदी के निधन से शिक्षा जगत, चंदेश्वर क्षेत्र एवं आजमगढ़ जनपद में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके योगदान, कार्यशैली एवं स्मृतियों को लंबे समय तक सम्मानपूर्वक याद किया जाता रहेगा।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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