शहर के एक व्यापारी की शिकायत पर पुलिस ने किया पर्दाफाश
एक करोड़ की ठगी की आशंका, बैंक का सहायक प्रबंधक है पकड़ा गया एक अभियुक्त
आजमगढ़: जनपद की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शहर के बदरका निवासी व्यापारी से ऑनलाइन ठगी की शिकायत के बाद तफ्तीश शुरू की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। NEXT TRADE नामक फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए संगठित ऑनलाइन ठगी की जा रही थी। गिरोह द्वारा लगभग ₹01 करोड़ की साइबर ठगी का अंदेशा है। पुलिस लाइन में SP यातायात विवेक त्रिपाठी ने बताया कि जांच में देश के विभिन्न राज्यों से करीब 12 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनके सैकड़ों में होने की संभावना है। पुलिस ने उज्जैन और इंदौर (मध्य प्रदेश) से जुड़े दो अन्तर्राज्यीय शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। थाना साइबर क्राइम आजमगढ़ पर पंजीकृत मुकदमा संख्या 29/2025 धारा 318(4), 319(2) BNS एवं 66D आईटी एक्ट के अंतर्गत विवेचना के दौरान यह खुलासा हुआ। पूछताछ और बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 111(1) BNS की भी बढ़ोत्तरी की गई है। वादी अशोक कुमार अग्रवाल, निवासी बदरका, कोतवाली आजमगढ़ ने शिकायत दर्ज कराई कि उन्होंने फेसबुक पर NEXT TRADE का विज्ञापन देखकर दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। आरोपियों ने अधिक लाभ का लालच देकर फर्जी ऐप डाउनलोड कराया और निवेश के लिए प्रेरित किया। पीड़ित ने कुल ₹8,99,000 जमा किए। प्रारंभ में ऐप पर मुनाफा दिखाया गया, लेकिन निकासी के प्रयास पर उनकी आईडी ब्लॉक कर दी गई। पकड़े गए अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि वे एक संगठित गिरोह के रूप में कार्य करते थे। निवेशकों से प्राप्त धनराशि म्यूल बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी। जांच में कुछ बैंक कर्मियों की संलिप्तता भी सामने आई है, जो पहले से हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक उपलब्ध कराते थे। म्युल खाते में पैसा आते ही तत्काल चेक के माध्यम से निकासी कर ली जाती थी। गिरफ्तार अभियुक्तों में इन्द्रजीत डे – निवासी उज्जैन (म.प्र.), अंकेश धाकड़ – (कोटक महिन्द्रा बैंक, इंदौर में कार्यरत है) शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 03 मोबाइल फोन, 03 एटीएम कार्ड, 02 चेक बुक, 01 बैंक आईडी, 01 जियो सिम कार्ड और ₹870 नगद बरामद किए हैं। इस प्रकरण में बैंक कर्मी सहित चार अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
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