विज्ञान और विभिन्न विषयों पर शैक्षिक अभिव्यक्ति कला प्रदर्शनी लगाई गई
आजमगढ़: दिनांक 13 जुलाई 2025 दिन रविवार को जीडी ग्लोबल स्कूल करतालपुर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को ध्यातव्य रखते हुए ज्ञान- विज्ञान,कला, हिंदी,अग्रेंजी तथा गणित और सामाजिक विज्ञान पर आधारित शैक्षिक अभिव्यक्ति कला प्रदर्शनी "आविर्भाव" का आयोजन बहुत ही भव्यपूर्वक किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ मुख्य अतिथि जनपद आजमगढ़ के सदर उपजिलाधिकारी नरेंद्र गंगवार ने विद्यालय की निदेशिका श्रीमती स्वाति अग्रवाल, प्रबंधक गौरव अग्रवाल, प्रधानाचार्या श्रीमती दीपाली भुस्कुटे के साथ " आविर्भाव" का उद्घाटन अपने कर-कमलों से किया। आविर्भाव के इस प्रदर्शनी में सभी विषयों को मिलाकर कुल 231 माडलों का प्रदर्शन हुआ। "आविर्भाव" में जहां भौतिकी विज्ञान में अल्ट्रासोनिक रडार सिस्टम, हाइड्रोलिक जेसीबी, क्लाइमेट चेंज एंड ग्लोबल वार्मिंग, रेनवाटर हार्वर्सटिंग जैसे आकर्षक प्रोजेक्ट लोगों के कौतुहल का विषय रहे वहीं रसायन शास्त्र में स्थिर विद्युत अवक्षेपण तथा आक्सीहाइड्रोजन ने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट किया। जीवविज्ञान में हाइड्रोफोनिक्स,मासिक धर्म ऐंठन TENS सेंसर, अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र तथा रक्त समूह अनुकूलता आदि जैसे सुंदर और प्रभावी मॉडल ने दर्शकों को अपने ध्यान का केंद्र बनाया । गणित में डेरिवेटिव हाउस 3डी मॉडल शेप, ट्रिगोनोमेटरी कार्नर सभी के प्रशंसा का केंद्र रहा। चित्रकला एवं शिल्पकला के अंतर्गत ग्राफिक आर्ट में मीराबाई की प्रतिमा, द्रौपदी चीर हरण, अर्जुन को गीता का उपदेश देते हुए विषय को उकेरा गया। हिंदी में धर्मवीर भारती का संस्मरण काले मेघा पानी दे तथा फणीश्वरनाथ रेणु की कहानी पहलवान की ढोलक का मॉडल अप्रतिम रहा। आज की पत्रकारिता पर व्यंग्य रघुवीर सहाय की कविता कैमरे में बंद अपाहिज की सभी ने मंत्रमुग्ध कंठ से प्रशंसा की।आंग्लभाषा में "द लॉस्ट चाइल्ड", द टाइप्स ऑफ वर्ब पर बच्चों ने बेहतरीन मॉडल प्रस्तुत किए। सामाजिक विज्ञान के अंतर्गत विभिन्न आकर्षक माॅडल जैसे लोकतंत्र प्रणाली, हड़प्पा सभ्यता आदि प्रस्तुत किए गये। देश की आर्थिक व्यवस्था के प्रति लोगों का ध्यान आकृष्ट करने हेतु वाणिज्य के छात्र-छात्राओं ने सठियांव चीनी मिल पर आधृत क्रियान्वित मॉडल, जीएसटी माॅडल,स्पेशल इकोनॉमिक जोन, बैंकिंग माॅडल आदि पर आधारित प्रेरणादायक माॅडल प्रस्तुत किये। मुख्य अतिथि श्री नरेंद्र गंगवार ने अपने संबोधन में भावुक होते हुए कहा कि आज का यह दिन देखकर हमें अपने स्कूल का समय स्मरण आ रहा है। बच्चों ने अपने प्रोजेक्ट की प्रस्तुति बहुत ही शानदार तरीके से दिया। यहां के बच्चे जिज्ञासु प्रवृत्ति और ऊर्जावान हैं। इन बच्चों से ही देश का भविष्य हैं। ये बच्चे ही राष्ट्र के भावी कर्णधार हैं। इसलिए राष्ट्रहित को ध्यान रखते हुए उन्हें अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों का ईमानदारी के साथ निर्वहन करना चाहिए। विद्यालय की निदेशिका श्रीमती स्वाति अग्रवाल ने बच्चों के इस कौशल की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्रबंधक गौरव अग्रवाल ने अपने विचारों के माध्यम से प्रेरणा दी कि प्रदर्शनी एक ऐसा मंच होता है जहाँ विज्ञान के विभिन्न विषयों से जुड़े उत्पादों, तकनीकों, अनुप्रयोगों, आविष्कारों और अन्य विषयों को प्रदर्शित किया जाता है। इसमें विभिन्न विषयों से जुड़े उत्पादों और तकनीकों के द्वारा लोगों को विज्ञान के बारे में जानकारी मिलती है। बच्चों को इसी प्रकार अपनी प्रतिभा और कौशल से समाज को लाभान्वित करना चाहिए। प्रधानाचार्या श्रीमती दीपाली भुस्कुटे ने प्रेरणात्मक संदेश देते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 के आयाम कला समावेशित तथा अनुभवात्मक शिक्षण को दृष्टिगत रखते हुए बच्चों तथा शिक्षकों ने विभिन्न विषयों पर शिक्षा के विविध आयामों को समायोजित करते हुए मानक के अनुरूप कई आकर्षक एवं प्रभावी मॉडलों का प्रदर्शन किया । साथ ही साथ अगामी कार्यक्रमों में और भी बेहतर करने के लिए आश्वस्त भी किया ।उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी से बच्चों में राष्ट्र की प्रगति के प्रति अपने कर्तव्य तथा समस्त जीव-कल्याण की भावना का बोध होता है। विद्यालय बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कटिबद्ध है। समय समय पर हम अपने बच्चों की प्रतिभा को निखारने और समाज में प्रदर्शित करने के माध्यम से पाठ्येतर क्रियाएं आयोजित करते हैं।
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