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आज़मगढ़: मुसलमानों ने हमेशा हिंदुओं को ही नेता माना: अबु आसिम आजमी


मुसलमान जानता है कि उसे राजनीति अपने देश में करनी है न कि पाकिस्तान मेें- महाराष्ट्र सपा अध्यक्ष

सांसद ओवैसी पर बोले,इन जनाब को तो मैं जानता तक नहीं

आजमगढ़: महाराष्ट्र के सपा प्रदेश अध्यक्ष अबु आसिम आजमी ने कहा कि आजादी के बाद मुसलमानों ने हमेशा हिंदुओं को ही अपना नेता माना है। चाहे वह पंडित जवाहर लाल नेहरू रहे हों या फिर इंदिरा गांधी, वीपी सिंह, हेमवंती नंदन बहुगुणा और मुलायम सिंह यादव को मुसलमानों ने अपना नेता माना। उन्हाेंने कहा कि मुसलमान जानता है कि उसे राजनीति अपने देश में करनी है न कि पाकिस्तान मेें। इसलिए हिंदू और मुसलमान कहकर दोनों कौम को बांटें नहीं, क्योंकि हमारे देश की एकता और अखंडता की नींव गंगा-जमुनी तहजीब रही है। भाजपा कि इस सरकार ने हिंदू और मुस्लिमों काे बांटने का काम किया है। रविवार को अबु आसिम आजमी अपने गृह जनपद में पंहुचे थे। उन्होंने बातचीत के दौरान ज्वलंत मुद्​दों पर भी जवाब देने से गुरेज नहीं किया। महराष्ट्र में हाल ही में हुए दुष्कर्म प्रकरण पर शिवसेना नेताओं द्वारा आरोपित के लिए ‘जाैनपुर पैटर्न’ शब्द इस्तेमाल किए जाने पर एतराज जताया। कहा कि देश में समाजवादी पार्टी ही है, जो देश के विकास के साथ सर्वधर्म सम्भाव की बात करती है। उन्होंने दावा किया कि काेई सबूत के साथ तर्क दे कि समाजवादी पार्टी से कोई दूसरी पार्टी अच्छी है, तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। उन्होंने किसी दल के नेता का नाम लिए बगैर कहा कि चुनाव में मुसलमानों का वोट काटने के लिए कुछ लोग ऐसे आएंगे जैसे बारिश में मेढक। उन्होंने सांसद असदुद्दीन ओवैसी का नाम लेने पर दो टूक शब्दों में कहा कि मैं तो उन्हेें जानता तक नहीं। आजम खां के जेल में होने के बाद यूपी में बढ़ी राजनीतिक सक्रियता के सवाल पर कहा कि मुझे किसी ने नहीं बुलाया। मैं तो देश की तरक्की, संविधान की रक्षा और डिक्टेटरशिप के खिलाफ आवाज बुलंद करने पहुंचा हूं। आजम खां बड़े नेता हैं। वे आएंगे और हम सभी उनके नेतृत्व में पार्टी के लिए काम करेंगे। भाजपा मंदिर के नाम पर कब तक वोट मांगेगी। देश की जनता अब जान चुकी है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे और मंदुरी एयरपोर्ट के जल्द लोकार्पण होने पर कहा कि देर से ही सही सपा सरकार के कार्यकाल की परियोजनाओं को इस सरकार ने पूरा तो किया। कहा कि मुजफ्फरनगर की घटना को लेकर सपा को कटघरे में खड़ा किया जाता है लेकिन किसी बड़ी घटना के बाद किसी सरकार ने क्या काम किया ये देखना चाहिए। मेरा मानना है कि घटना के बाद सरकार ने सख्त एक्शन लिया। मुजफ्फरनगर प्रकरण में तत्कालीन सपा सरकार ने एमपी, एमएलए की गिरफ्तारी कराई तो दोषी अधिकारियों को भी नहीं बख्शा था। पीड़ितों को बगैर भेदभाव के 15- 15 लाख का मुआवजा दिया गया था। जिले के विकास के संबंध में कहा कि कि प्रदेश में सपा की सरकार बनने के बाद जो भी विकास कार्य होंगे, उसे पूरा कराया जाएगा।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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