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आजमगढ़: तो इस वजह से अल्पसंख्यक समुदाय ने कोरोना टीका का किया विरोध


लोगों ने बताई समस्या,प्रशासन हल निकालने में जुटा

ग्रामीणों ने कहा, को-वैक्सीन की मान्यता खाड़ी के देशों में नही है, कोविशील्ड लगाने की मांग

आजमगढ़: पल्स पोलियो की तरह से कोरोना से बचाव के लिए लगने वाले टीका का भी विरोध शुरू हो गया है। खासतौर से अल्पसंख्यक समाज के लोगों ने यह कहकर फूलपुर के चमावां गांव में विरोध कर दिया कि को-वैक्सीन की मान्यता खाड़ी के देशों में न होने के कारण लगवाना हमारे लिए बेमतलब है। उन्होंने कोविशील्ड लगाने की मांग की। इस आशय की जानकारी होने के बाद क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों में अफरातफरी मच गई। आनन फानन इस घटना की जानकारी से उच्‍च अधिकारियों को अवगत कराया गया। क्षेत्र के चमावां गांव के तमाम लोग खाड़ी देशों में रहते हैं। घर से निकलने पर एयरपोर्ट से वापस लौटना पड़ रहा है, क्योंकि वहां को-वैक्सीन की मान्यता नहीं है। वहां कोविशील्ड लगवाने का प्रमाण पत्र मांगा जाता है। लाख प्रयास के बाद भी टीकाकरण टीम को सफलता नहीं मिल सकी। इश्तेयाक अहमद, रियाज, आफताब, हसीब, आसिफ, रमजान, फैजान आदि ने बताया कि जिस वैक्सीन की मान्यता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नहीं उसे लगवाने से क्या फायदा। ग्रामीणों की मांग पर चमावां में कोविशील्ड पहुंची, तब बुधवार को 61 लोगों का टीकाकरण हुआ।इसी तरह से ग्राम संग्रामपुर में भी प्राथमिक विद्यालय प्रांगण में चिकित्साधीक्षक राम आशीष यादव के नेतृत्व स्वास्थ शिक्षा अधिकारी मुन्नीलाल, सावित्री, शाहनाज बानो आदि पहुंचे, लेकिन वहां भी ग्रामीणों ने वही मांग उठाई। यहां 12 लोगों का ही टीकाकरण हो सका। क्षेत्र में कोरोना टीकाकरण के लिए कोवैक्‍सीन और कोविशील्‍ड को लेकर ग्रामीणों का यह विरोध अब प्रशासन के लिए नया सिरदर्द बन गया है। इस बाबत अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकरण से उच्‍च स्‍तर के अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। उम्‍मीद है कि जल्‍द ही इस समस्‍या का हल निकल आएगा और अधिकारी मिल बैठकर ग्रामीणों को टीकाकरण के लिए तैयार कर लेंगे।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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