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आज़मगढ़: 'पहलवान की ढोलक' ने बदलते मूल्यों व संस्कारों पर प्रहार किया


03 दिवसीय 16वें आजमगढ़ रंग महोत्सव की आखिरी शाम सूत्रधार रंगमंडल की अपनी प्रस्तुति

आजमगढ़: सूत्रधार संस्थान की ओर से शहर की शारदा टाकीज में आयोजित तीन दिवसीय 16वें आजमगढ़ रंग महोत्सव की आखिरी शाम सूत्रधार रंगमंडल की अपनी प्रस्तुति फणीश्वर नाथ रेणु कृत 'पहलवान की ढोलक' का सफल मंचन ममता पंडित के निर्देशन में किया गया। 40 मिनट की प्रस्तुति में पुनीत यादव, सूरज यादव और सत्यम पांडेय ने मुख्य भूमिका निभाई।
'पहलवान की ढोलक' की कहानी आज के परिवेश में पूरी तरह से प्रासंगिक है। बदलते हुए मूल्य और संस्कारों, जीवन के रहन-सहन ने कलाओं व खेलकूद के प्रति अपनी रुझान कम की है, जिसका असर पहलवान व उसके बेटों पर पड़ना लाजिमी है। अपने रचनात्मक प्रायोगिक निर्देशन से ममता पंडित ने एक उम्मीद जगाई है। प्रकाश व्यवस्था भारतेंदु नाट्य अकेडमी से स्नातक हरकेश मौर्य व संगीत रितेश रंजन का रहा। इस अवसर पर डा. अतुल गुप्ता, डा. नितेश यादव, डा. खुशबू सिंह, डा. सीके त्यागी, डा. दीपक पांडेय, प्रिया पांडेय, प्रियंका पांडेय, कंचन मौर्या, अरुण मौर्य आदि गणमान्य लोग मौजूद थे

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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