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आज़मगढ़ : कुर्सी हाथ में आने पर कुंटू की मनमानी की परवाह नहीं किये अजीत सिंह


2019 में अजीत ने कुण्टू और अन्य पर दर्ज कराया था रंगदारी माँगने का केस

सियासत और वर्चस्व की महत्वाकांक्षा ने दोस्ती में दरार डाल दी


आज़मगढ़: प्रदेश के टॉप टेन अपराधियों में शुमार आजमगढ़ के ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह और मुहम्मदाबाद गोहना के प्रमुख प्रतिनिधि अजीत सिंह के बीच दांत काटी रोटी की तरह दोस्ती थी। मगर दोनों की सियासी और वर्चस्व की महत्वाकांक्षा ने इसमें दरार डाल दी। वर्ष 2005 में हुए पंचायत चुनाव में देवसीपुर से क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव जीतने के बाद अजीत को वर्ष 2006 में जेष्ठ उप प्रमुख चुना गया। अगली बार के चुनाव में अजीत ने अपनी पत्नी रानू को मैदान में उतारा और उसे ब्लाक प्रमुख बनवाने में सफल रहा। इस चुनाव में कुंटू ने रुपये-पैसे से लगायत अजीत की हर तरह की मदद की। बदले में उसकी चाहत थी क्षेत्र पंचायत को अपने तरीके से चलाने की। क्षेत्र पंचायत के विकास की निधि को अपने तरीके से प्रयोग करने की लेकिन पत्नी के प्रतिनिधि बनकर काम कर रहे अजीत सिंह ने कुर्सी हाथ में आने के बाद कुंटू की मनमानी की परवाह नहीं की। उसकी पाकेट का ब्लाक प्रमुख बनकर रहने की बजाय उन्होंने अपने ढंग से कार्य करना शुरू किया। यही बात कुंटू को नागवार लगी और दोनों के बीच एक-दूसरे के प्रति प्रतिद्वंद्विता का भाव पनपने लगा।
हालात यहां तक जा पहुंचे कि कुंटू सिंह ने कुछ क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधियों को तोड़कर उन्हें प्रमुख बनवाने का सपना दिखाते हुए रानू सिंह के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए तैयार कर पूरी भूमिका रच दी। इस बात की खबर जब अजीत को लगी तो उसने भी अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए क्षेत्र पंचायत सदस्यों को एकत्र कर लिया और कुंटू के इरादों पर पानी फेर दिया। इस बीच कुंटू ने अजीत को अपने प्रभाव में लेने के लिए आजमगढ़ के सगड़ी विधायक सर्वेश सिंह सीपू की हत्या करने की जिम्मेदारी अजीत को सौंपी। इस प्रस्ताव को अजीत ने न सिर्फ खारिज कर दिया बल्कि यह बात सीपू तक पहुंचा भी दी। इसे लेकर प्रशासन ने सीपू की सुरक्षा व्यवस्था तो बढ़ा दी मगर सीपू की हत्या को न रोक सका। इस हत्याकांड में अजीत चश्मदीद गवाह बन गया। फिर क्या था, दोनों की दोस्ती अब दुश्मनी में बदल चुकी थी। मामला यहीं तक नही रुका पता चला कि वर्ष 2019 में ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सिंह ने अजीत के पास 15 लाख रुपये मांगने के लिए अपने लोगों को भेजा था। उस समय हाथापाई के बाद विवाद भी हुआ था, जिसके बाद अजीत ने कुंटू समेत चार के खिलाफ केस दर्ज कराया तो पुलिस छानबीन में जुट गई । फिर पता चला की अजीत सिंह 26 मार्च को आजमगढ़ के दीवानी कचहरी में किसी मुकदमे की तारीख पर आया था। उसी दौरान तीन लोगों ने अजीत को घेर लिया और 15 लाख रुपये की डिमांड कर डाली। यह भी कहा कि कुंटू ने भेजा है, रुपये दो या फिर उनसे मुलाकात कर लो पेशी पर आए हैं। पुलिस डायरी में दर्ज केस के मुताबिक अजीत के शोर मचाने पर आरोपित भाग गए। कोतवाली में अजीत की तहरीर पर शिव प्रकाश उर्फ प्रकाश निवासी खुझिया थाना मुबारकपुर आजमगढ़, रामविजय सिंह निवासी भदीड़ थाना मुहम्मदाबाद मऊ, संजय यादव निवासी जिगरसंडी थाना जहानागंज, ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह निवासी अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। पुलिस उस मुकदमे की जांच पूरी कर चार्जशीट लगा चुकी है।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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