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मण्डलायुक्त ने परियोजना निदेशक डीआरडीए के विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही की संस्तुति की

मण्डलायुक्त ने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना की द्वितीय किश्त कार्यदायी संस्था को अवमुक्त करने में शिथिलता बरतने पर हुई कार्यवाही 

आज़मगढ़ 6 मई -- मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने समीक्षा बैठकों के दौरान बार बार निर्देशित किये जाने के बावजूद डीआरडीए आज़मगढ़ के परियोजना निदेशक अभिमन्यु कुमार सिंह द्वारा स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के अन्तर्गत अपूर्ण कार्यों की द्वितीय किस्त उपलब्ध कराने में कई-कई माह का विलम्ब करने तथा तीन कार्यों की द्वितीय किस्त अभी तक उपलब्ध नहीं कराये जाने पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही किये जाने की संस्तुति शासन को भेज दी है। इस सम्बन्ध में मण्डलायुक्त श्रीमती त्रिपाठी ने बताया कि उनके द्वारा गत सितम्बर माह से सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के अन्तर्गत अपूर्ण कार्यों की शुरू की गयी सघन समीक्षा के दौरान कार्यदायी संस्था यूपी सिड्को (यूपी स्टेट कान्स्ट्रक्शन एण्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेन्ट कारपोरेश लि.) ने अवगत कराया था कि उक्त योजना के तहत 27 अपूर्ण कार्यों हेतु द्वितीय किस्त की मांग कई-कई माह पूर्व किये जाने के बावजूद अभी तक द्वितीय किस्त की धनराशि परियोजना निदेशक द्वारा अवगत नहीं की गयी है। उन्होंने बताया कि इस सम्बन्ध में परियोजना निदेश अभिमन्यू कुमार सिंह को कई बार निर्देशित किया गया था कि तत्काल द्वितीय किस्त अवमुक्त कर दें परन्तु उनके द्वारा ऐसा नहीं किया गया। मण्डलायुक्त श्रीमती त्रिपाठी ने यह भी बताया कि प्रकरण की जाॅंच संयुक्त विकास आयुक्त पीएन वर्मा से कराई गयी तो पाया गया कि कार्यदायी संस्था द्वारा द्वितीय किस्त की मांग करने की तिथि से धनराशि अवमुक्त करने की तिथि तक 7 कार्यो में 13 से 16 माह, 7 कार्यों में 5 से 9 माह एवं 13 कार्यों में 1 से 3 माह तक का समय लगाया गया है। इसके अलावा अक्टूबर 2019 में 2 कार्यों एवं गत फरवरी में एक कार्य की द्वितीय किस्त की मांग की गयी है जिसे अभी तक अवमुक्त नहीं किया गया है।
मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने कहा कि परियोजना निदेशक, डीआरडीए आज़मगढ़ द्वारा कार्यदायी संस्था को द्वितीय किस्त अवमुक्त करने में बरती गयी घोर लापरवाही, उदासीनता तथा उच्च स्तर से दिये गये निर्देशों की लगातार अवहेलना की गयी जिससे जनहित में स्वीकृति कार्यों का लाभ जनसामान्य को समय से उपलब्ध नहीं हो सका। इसके अलावा धनराशि अवमुक्त किये जाने में इनके द्वारा अपनायी जा रही स्वेच्छाचारिता तथा यूपी सिड्को आज़मगढ़ को 27 कार्यों पर पर द्वितीय किस्त की धनराशि अवमुक्ति में शिथिलता एवं विलम्ब के लिए परियोजना निदेशक दोषी हैं। श्रीमती त्रिपाठी ने कहा कि इन्हीं सब कारणों से डीआरडीए आज़मगढ़ के परियोजना निदेशक अभिमन्यु कुमार सिंह के विरुद्ध साक्ष्यों सहित आरोप पत्र भेजते हुए इनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही की संस्तुति की गयी है।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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