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आजमगढ़ : हुनर रंग महोत्सव में नाटक 'बिदेसिया' और 'स्वच्छ भारत' ने दिये सार्थक सन्देश


नृत्य प्रस्तुतियों में कलाकारों की वेशभूषा व उनकी गायन शैली लोगों को आकर्षित कर रही थी

आजमगढ़ : हुनर संस्थान द्वारा आयोजित पांच दिवसीय हुनर रंग महोत्सव का तीसरा दिन समर्पित रहा स्वर्गीय राजेश्वरी देवी अग्रवाल को। इस आयोजन की तीसरी संध्या का दीप प्रज्वलन कर विधिवत उद्घाटन पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा, डॉक्टर पीयूष सिंह यादव व अभिषेक जायसवाल"" दीनू ""ने संयुक्त रूप से किया । आए हुए सभी अतिथियों का स्वागत संस्थान अध्यक्ष मनोज यादव , वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज यादव , हेमंत श्रीवास्तव , गौरव मौर्य ने किया । दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व राजेश्वरी देवी अग्रवाल के चित्र पर पुष्प अर्पित किया गया । तत्पश्चात नंद संगीत समिति, खुर्दा, उड़ीसा द्वारा वहां का पारंपरिक लोकनृत्य कठघोड़वा पेश किया गया । कलाकारों की वेशभूषा व उनकी गायन शैली लोगों को आकर्षित कर रही थी । दूसरी प्रस्तुति के रूप में वेस्टर्न स्टाइल में रॉकस्टार डांस ग्रुप मिर्जापुर द्वारा समूह नृत्य की प्रस्तुति हुई। तीसरी प्रस्तुति के रूप में नर्तन कला केंद्र असम द्वारा मृदुस्मिता कश्यप ने बिहू उप शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत किया , जिसकी उपस्थित दर्शकों ने सराहना की । फिर शुरू हुआ नाटकों का दौर प्रथम प्रस्तुति के रूप में स्वच्छ भारत अभियान को इंगित करता मणिपुर ड्रैमेटिक यूनियन इंफाल द्वारा नाटक ""स्वच्छ भारत"" का मंचन किया गया । नाटक का मूल उद्देश्य ये था कि एक अच्छे समाज के लिए सिर्फ साफ- सफाई ही नही । साफ स्वच्छ व्यक्तित्व और परिवेश भी होना चाहिए। इसलिए यह आवश्यक है कि हमे अपने व्यवहार में परिवर्तन लाना चाहिए तभी स्वच्छ भारत अभियान सफल होगा। दूसरी नाट्य प्रस्तुति भोजपुरी के शेक्सपियर कहे जाने वाले भिखारी ठाकुर द्वारा लिखित व अभय सिंह द्वारा निर्देशित जागो सेवा संस्थान बलिया द्वारा लोकनाट्य 'बिदेसिया' का भावपूर्ण मंचन किया गया । नाटक 'बिदेसिया' अपने आप में बहुत कुछ बयां करता है । यह उस काल प्रवेश की बात है। जब व्यक्ति कमाने के लिए परदेस जाता है और वहां की चकाचौंध में फंस कर अपने परिवार को भूल जाता है। लेकिन जब वापस अपने परिवार में आता है। तो अपने परिवार का त्याग, पत्नी का अंतर्द्वंद देख उसका ह्रदय परिवर्तित होता है । यह नाटक सभी को एक संदेश देता है की जहां भी रहे लेकिन अपने परिवार को ना भूलिए। तीसरी प्रस्तुति के रूप में प्रदीर्घ रंगशाला, खैरागढ़, राजनंदगांव छत्तीसगढ़ के कलाकारों द्वारा डॉ ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव द्वारा लिखित अमन रावत द्वारा निर्देशित नाटक ""दीवानों की दास्तान "" की प्रस्तुति हुई यह नाटक एक व्यंग नाटक है। यह नाटक एक आम ऑफिस के ऊपर आधारित है। जहां के कर्मचारी अलग-अलग पोजीशन पर स्थापित है । यह काम ऑफिस की तरह साफ इसमें भी सभी सारी चीजें सामान्य सी होती हैं । लेकिन तब तक जब तक ऑफिस में एक असामान्य घटना नहीं होती। यह घटना धीरे-धीरे ऑफिस के कर्मचारियों के असल व्यक्तित्व को प्रदर्शित करने लगती है । कुल मिलाकर नाटक समाज में मौजूद आम और खास लोगों के व्यक्तित्व को दर्शाता एक व्यंग नाटक है। कार्यक्रम को सफल बनाने में गौरव अग्रवाल, रमाकांत वर्मा, मनीष रतन अग्रवाल ,नीरज अग्रवाल, प्रवीण सिंह ,अमरजीत विश्वकर्मा, रवि चौरसिया, कमलेश सोनकर नौशाद अहमद, आकाश, सावन प्रजापति काजल सिंह , शिवांगी सिंह, नेहा वर्मा, करिश्मा सिंह सहित सभी संस्थान के पदाधिकारी व कलाकार लगे हुए हैं।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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