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आजमगढ़ : मिसाल! वरासत न होने पर डीएम ने कार्यवाही के साथ ही पीड़ितों से माफ़ी मांगी

सिस्टम के लिए सन्देश ! डीएम ने अभियान चलाकर लगभग 9 हजार वरासत कराई है, एक मामले में लापरवाही पर लेखपाल पर कार्यवाही के साथ ही की पीड़ित महिलाओं से की क्षमा याचना 

आजमगढ़ 22 नवम्बर -- जिलाधिकारी नागेन्द्र प्रसाद सिंह ने आज जो किया वह पूरे प्रशासनिक तंत्र के लिए एक चौकाने वाली नजीर है। उन्होंने एक मामूली वरासत के मामले में न्याय के लिए भटक रही दो महिलाओं को जहाँ न्याय दिलाया वहीँ जिम्मेदार लेखपाल पर कार्यवाही के साथ ही पीड़िताओं से विलम्ब के लिए माफ़ी भी मांगी। स्वयं डीएम ने बताया कि ग्राम फतुही तहसील मार्टीनगंज में मुंशी पुत्र बेचु के पुत्र रामहरख व चन्द्रबलि उर्फ रामचन्दर की मृत्यु हो चुकी है तथा रामहरख की पत्नी प्रेमा और चन्द्रबलि के पत्नी अशरफी के नाम अभी तक वरासत दर्ज नही हुआ है।
वर्तमान जिलाधिकारी के आगमन के बाद उनके द्वारा जनपद में अभियान चलाकर लगभग 9000 वरासत कराया गया है, इसके बावजूद भी उक्त वरासत समय पर न होने पर जिलाधिकारी ने एसडीएम मार्टीनगंज को निर्देश दिये कि संबंधित लेखपाल को प्रतिकूल प्रविष्टी देना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने बताया है कि उक्त दोनों महिलाओं के नाम वरासत दर्ज कराकर खतौनी उपलब्ध करा दी गयी है।
इसी के साथ ही जिलाधिकारी ने एडीएम मार्टीनगंज को निर्देश दिये कि मृतक रामहरख की पत्नी प्रेमा तथा चन्द्रबलि उर्फ रामचन्दर की पत्नी अशरफी के घर व्यक्तिगत रूप से जाकर उनको बतायें कि कर्मचारियों के उदासीनता/लापरवाही के चलते वरासत समय से न होने के कारण आप लोगों को जो पीड़ा पहुॅची है, उसके लिए जिलाधिकारी द्वारा दुख व्यक्त किया गया है तथा क्षमा/माफी मांगी गयी है।  

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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