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मण्डलायुक्त ने की पूर्वांचल विकास निधि तथा 50 लाख तथा उससे अधिक लागत की परियोजनाओं की समीक्षा

अधिशासी अभियन्ता निर्माण निगम वाराणसी इकाई के विरुद्ध कार्यवाही हेतु शासन को संस्तुति भेजने, अधीक्षण अभियन्ता लोनिवि सहित कई अन्य अधिकारियों से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश

आज़मगढ़ 16 नवम्बर -- मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने पूर्वांचल विकास निधि के अन्तर्गत कराये जा रहे कार्यों तथा 50 लाख तथा उससे अधिक लागत की निर्मार्णाधीन परियोजनाओं की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा के दौरान अनुपस्थित उप्र राजकीय निर्माण निगम वाराणसी इकाई के अधिशासी अभियन्ता के पुनः उपस्थित रहने पर सख्त रुख अपनाते हुए उनके विरुद्ध कार्यवाही हेतु शासन को संस्तुति प्रेषित करने का निर्देश दिया। इसके अलावा कार्यों की प्रगति खराब पाये जाने पर अधीक्षक अभियन्ता लोक निर्माण विभाग, अधिशासी अभियन्ता ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग बलिया, अधिशासी अभियन्ता आवास विकास परिषद गाजीपुर को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। मण्डलायुक्त श्रीमती त्रिपाठी ने शनिवार को अपने कार्यालय के सभागार में आयोजित पूर्वांचल विकास निधि के अन्तर्गत कराये जा रहे कार्यों की समीक्षा के दौरान पाया कि जनपद बलिया में वर्ष 2018-19 के 9 कार्य हैं जिसमें से 7 पर कार्य प्रगति पर है परन्तु दो कार्य में विवाद के कारण धनराशि आरईएस को वापस कर दी गयी है। इस पर उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसी स्थिति आने पर तुरन्तु उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाये तथा धनराशि वापस करने के बजाय सम्बन्धित जन प्रतिनिधि से दूसरा प्रस्ताव प्राप्त करें तथा धनराशि दूसरे प्रस्तावित कार्य पर व्यय करने की कार्यवाही पूर्ण कराते हुए उस पर व्यय की जाय। पूर्व बैठक में इस आशय के निर्देश दिये गये थे कि जैसे जैसे प्रस्ताव प्राप्त हों उसमें धनराशि धनराशि देेते जायें परन्तु अधीक्षण अभियन्ता लोक निर्माण विभाग आज़मगढ़ में कुल प्रस्ताव प्राप्त होने के बावजूद उसमें धनराशि नहीं दी गयी है। मण्डलायुक्त श्रीमती त्रिपाठी ने इस स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सम्बन्धित अधीक्षण अभियन्ता से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने मण्डल के तीनों जनपदों में वर्ष 2017-18 एवं 2018-19 के चल रहे कार्यों के सम्बन्ध में सम्बन्धित कार्यदायी संस्थाओं से पूर्ण करने की समयावधि निर्धारित करते हुए सख्त निर्देश दिया कि दिये गये समय के बाद कोई भी कार्य लम्बित नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने आगाह किया कि यदि अवधि व्यतीत होने पश्चात कानक के अनुरूप कार्य पूर्ण नहीं होता है तो सम्बन्धित कार्यदायी संस्था के अधिकारी को जिम्मेदार मानते हुए उनके विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी।
मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने 50 लाख तथा उससे अधिक लागत की निमार्णाधीन परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान पाया कि मण्डल के तीनों जनपदों में उप्र राजकीय निर्माण निगम वाराणसी ईकाई के स्तर पर कई कार्य बन्द है परन्तु वस्तुस्थिति से अवगत कराने हेतु कार्यदायी संस्था के अधिशासी अभियन्ता उपस्थित नहीं थे, जबकि वह पूर्व में भी बार बार निर्देश दिये जाने के बावजूद कई बैठकों में उपस्थित नहीं थे। मण्डलायुक्त ने इस पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिशासी अभियन्ता, उप्र राजकीय निर्माण निगम वाराणसी ईकाई के विरुद्ध कार्यवाही हेतु शासन को संस्तुति भेजने का निर्देश दिया। इसी प्रकार बलिया में एक कार्य हेतु गत 29 जून को धनराशि दी गयी थी परन्तु टेण्डर प्रक्रिया अब प्रारम्भ की गयी है। मण्डलायुक्त ने टेण्डर काफी विलम्ब से कराने पर अधिशासी अभियन्ता ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग बलिया को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। जनपद में मऊ के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मझवारा को विलम्ब से हैण्डओवर कराने पर कार्यदायी संस्था आवास विकास परिषद गाजीपुर के अधिशासी अभियन्ता को भी स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। मण्डलायुक्त ने समीक्षा के दौरान कहा कि मण्डल के तीनों जनपदों में पैक्सफेड के कार्य काफी खराब हैं तथा प्रगति भी बहुत धीमी है। उन्होंने सम्बन्धित अधिशासी अभियन्ता को तत्काल सुधार लाने के साथ ही सम्बन्धित प्रशासकीय विभाग के अधिकारियों को निरन्तर निरीक्षण करने का निर्देश दिया।
इस अवसर पर अपर आयुक्त (प्रशासन) धर्मेन्द्र सिंह, उप निदेशक, अर्थ एवं संख्या अमजद अली अन्सारी, अपर निदेशक स्वास्थ्य डा. एनएल यादव, अधीक्षण अभियन्ता लोनिवि आज़मगढ़ आरके प्रसाद, अधीक्षण अभियन्ता लोनिवि बलिया एके मणि, अधीक्षण अभियन्ता ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग वीके सिंह गौर, उप श्रमायुक्त रोशन लाल सहित अन्य सम्बन्धित विभागों तथा कार्यदायी संस्थाओं के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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