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आज़मगढ़ : नीमा ने 'वमन: कारण और निवारण' विषय पर चिकित्सीय संगोष्ठी आयोजित किया

संगोष्ठी में उल्टी की समस्याओं पर डॉ पी एन मिश्रा ने विस्तार से व्याख्यान दिया

आजमगढ़ : बुधवार की रात स्थानीय होटल तरुण ईन के सभागार में नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) आज़मगढ़ द्वारा 'वमन: कारण और निवारण' विषय पर चिकित्सीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी को वरिष्ठ चिकित्सक डॉ पी एन मिश्रा ने संबोधित किया।
आज के चिकित्सकों के प्रैक्टिस में प्रतिदिन होने वाली उल्टी की समस्याओं पर डॉ पी एन मिश्रा ने विस्तार से व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि वमन या उल्टी एक प्रमुख बीमारी है, जो कई कारणों से हो सकती है। इसके कारणों पर विस्तार से चर्चा करते हुए डॉ मिश्रा ने कहा कि यह सिर दर्द, चक्कर आना, पेट संबंधी समस्या, हृदय संबंधी समस्या, मानसिक तनाव, आत्मीय विकार, कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव आदि कारणों से हो सकती है। साथ ही पेट मे गैस बनना, आंत में अवरोध होना, पेट दर्द, अतिसार, गर्भावस्था की प्रथम अवस्था मे भी वमन हो सकता है। इसके निवारण के लिए डॉ मिश्रा ने वमनरोधी दवाओं के इस्तेमाल की विस्तृत जानकारी दी।
संगोष्ठी की उपयोगिता के बारे में डॉ मिश्रा ने कहा कि यदि दूर दराज गाँव मे चिकित्सा करने वाले चिकित्सक भी जागरूक होंगे, तो हर मरीज की उचित चिकित्सा हो सकेगी। जानकारी के अभाव में गलत चिकित्सा मरीज की सेहत को खराब कर सकती है।
इससे पूर्व नीमा के पैट्रन डॉ वी के सिंह, पूर्व अध्यक्ष डॉ वी एस सिंह, एडवाइजर डॉ पी एन मिश्रा, अध्यक्ष डॉ डी डी सिंह, वोमेन्स फोरम की अध्यक्ष डॉ आरती सिंह, डॉ नईम अहमद और डॉ आर पी सिंह ने दीप प्रज्वलित कर विधिवत कार्यक्रम की शरुआत की। तत्पश्चात नीमा गीत "क्वचिद अर्थ, क्वचिद मैत्री, क्वचिद धर्म, क्वचिद यश" का सामूहिक गान हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक नगर पंकज कुमार पांडेय को अध्यक्ष डॉ डी डी सिंह, पूर्व अध्यक्ष डॉ वी एस सिंह और वोमेन्स फोरम की अध्यक्ष डॉ आरती सिंह ने बुके देकर सम्मानित किया। सभागार में उपस्थित चिकित्सको को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक नगर पंकज कुमार पांडेय ने आयुर्वेद की बढ़ती हुई लोकप्रियता की सराहना किया तथा लोगों से इसे अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी दवाओं के दुष्प्रभाव इतने खतरनाक हैं कि आदमी उसे लेने से डरता है। इसके विपरीत आयुर्वेद की दवाएं स्वास्थ्य को लाभ करती हैं और उनका दुष्प्रभाव भी नहीं के बराबर होता है।
कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधीक्षक नगर पंकज कुमार पांडेय द्वारा 49 लोगों को नीमा सदस्यता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
संगोष्ठी की अध्यक्षता पूर्व अध्यक्ष डॉ वी एस सिंह ने और संचालन अकैडमिक सचिव डॉ विनोद कश्यप ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन नीमा के अध्यक्ष डॉ डी डी सिंह ने किया। इस अवसर पर डॉ अबु शाहमा खान, डॉ मनीष राय, डॉ मुकेश पांडेय, डॉ डी पी सिंह, डॉ जगदीश यादव, डॉ जी पी गुप्ता, डॉ नाजरा बानो, डॉ दीपिका बरनवाल, डॉ ए के बरनवाल, डॉ तपन बिस्वास, डॉ संतोष कुमार सिंह, डॉ फहीम, डॉ स्वतंत्र पाल सिंह, डॉ पवन पांडेय, डॉ संतोष कुमार चौहान, डॉ मनीष चौबे, डॉ उपेंद्र दूबे, डॉ रीता दूबे, डॉ विभा त्रिपाठी, डॉ उमेश पांडेय, डॉ पी के जोद्दार, डॉ मो. अज़ीम, डॉ नईम अहमद, डॉ नोमान अहमद, डॉ राशिद खान, डॉ डी दूबे, डॉ अजय सिंह, डॉ एस सी राय,डॉ मो.शाहिद, डॉ संध्या सिंह, डॉ संतोष कुमार सिंह, डॉ संध्या सिंह, डॉ अल्पना पांडेय, डॉ रणविजय राय, डॉ बी के श्रीवास्तव आदि सहित नीमा के पदाधिकारीगण और जिले के कोने कोने से आए चिकित्सकगण उपस्थित रहे।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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