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इस धरती पर मानव जाति का सबसे बड़ा शुभचिंतक वृक्ष है - नागेन्द्र प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी


तमसा मिशन ने भंवरनाथ मंदिर, पोखरा पर आयोजित किया वन महोत्सव

आजमगढ़ : प्रकृति ही मानव का सबसे बड़ा हितैषी है। तमसा मिशन द्वारा आयोजित दिनांक 25 अगस्त को भंवरनाथ मंदिर, पोखरा पर आयोजित वन महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए श्री नागेन्द्र प्रसाद सिंह जिलाधिकारी आजमगढ़ ने कहाकि इस धरती पर मानव जाति का सबसे बड़ा शुभचिंतक वृक्ष है। जो मानव जीवन के लिए नुकसान दायक जहर कार्बनडाई आक्साइड को ग्रहण करता है और उसके लिए जीवनदायी वस्तु आक्सीजन मानव को प्रदान करता है। आक्सीजन का महत्व तब समझ में आता है जब मरीज अस्पताल के बेड पर आक्सीजन के लिए तड़प रहा होता है। उन्होने कहाकि वृक्षारोपण से वर्षा होगी और वर्षा से नदी का जल ग्रहण क्षेत्र भरेगा। जल संरक्षण के साथ जल प्रयोग का भी प्रबंधन करना भी पड़ेगा। जिसके लिए भारत सरकार और प्रदेश सरकार ने जल मंत्रालय का गठन किया है।
उन्होने कहाकि गंगा जी तीनों प्रमुख धामों से शिव जी के जटाओं में उलझती है तो लोक कल्याणकारी हो जाती हैं। शिव जी की जटाएं वास्तव में वृक्षों की जड़ है। धर्म में भी मिथकों के माध्यम से नये कलेवर के साथ परिभाषित करने तथा नये सांस्कृतिक क्रांति की जरूरत है।
जल के महत्व के बारे में रेखांकित करते हुए उन्होने कहाकि हमारे पूर्वजों ने नदियों में पानी देखा। हमारे दादा परदादा ने तालाबों, पोखरों और कुओं में पानी देखा। हमारी पीढी़ के लोगों ने नल व हैण्डपंपों में पानी देखा। जबकि नई पीढी़ आज बोतलों में पानी देख रही है। इसके बाद भी अगर नहीं चेते तो आने वाली पीढ़ि हास्पिटलों में बोतल और सीरिंज में पानी चढ़ाने के लिए जाएगी। चेन्नई झीलों का शहर हुआ करता था, आज टेªनों से पानी पहंुचने पर जनता भगवान की तरह स्वागत करती है।
श्रीकृष्ण पाल ने कहाकि मानव प्रकृति से जीतना दूरी बनायेगा भविष्य का जीवन उतना ही कठिन होगा। तमसा नदी के किनारे वृक्षारोपण नदी के जीवंतता के लिए आवश्यक है। इस कार्य में लगे लोग बधाई के पात्र है। विशिष्ट अतिथि डा जेपी सिंह और डा पंकज राय ने भी विचार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए मिशन के समन्वयक सुनील राय ने कहाकि तमसा नदी के संरक्षण व संवर्धन के लिए प्रदेश सरकार द्वारा स्वीकृत खुदाई कार्य अयोध्या में लगभग पूरा हो गया है। इस कार्य को अम्बेडकर, आजमगढ़, मऊ और बलिया तक गंगा जी के मिलन बिंदु तक पूरा करने की प्रदेश सरकार से मांग की। उन्होने कहाकि मुख्यमंत्री द्वारा 2 वर्ष पूर्व तमसा नदी के किनारे वृक्षारोपण करने के आदेश का अनुपालन करने के क्रम में वन विभाग द्वारा नदी के दोनों तरफ 1 किलोमीटर तक ग्राम समाज/सार्वजनिक भूमि पर वृक्षारोपण के लिए चिन्हित करने के लिए जिलाधिकारी से इसका अनुपालन कराने की मांग की। वन महोत्सव में वृक्षारोपण के साथ साथ फलदार पौधों का भी वितरण किया गया।
कार्यक्रम में संदीप सिंह राजू, पंकज सिंह, नंदलाल गुप्ता, डब्बू सिंह, अतुल अग्रवाल, महताब आलम एडवोकेट, गिरीराज अग्रवाल, भाष्कर राय, विजय अग्रवाल, नरेन्द्र प्रताप सिंह, लक्ष्मी सोनकर, पवन देव त्रिपाठी, अमित राय, बृजेश यादव, बृजेश राय, अजय राय, नरेन्द्र सिंह, अनिल राय, विनोद उपाध्याय, रविशंकर तिवारी, हरिवंश मिश्र, मयंक गुप्ता, इस्माईल फारूकी, विनोद यादव, डा अशोक सिंह, हरिकेश विक्रम श्रीवास्तव, उमेश सिंह गुड्डू, अरविन्द चित्रांश, एवं प्रमोद राय आदि प्रमुख लोग उपस्थित थे।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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