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सीएम हेल्पलाइन पर निस्तारण में डिफाल्टर होने पर सम्बन्धित अधिकारी को बख्शा नहीं जायेगा : मण्डलायुक्त

समीक्षा बैठक से अनुपस्थित रहने पर एक अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि छः को मिली चेतावनी

आज़मगढ़ 22 अगस्त -- मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने आईजीआरएस पोर्टल पर प्रदर्शित मुख्यमन्त्री हेल्पलाइन पर डिफाल्टर एवं लम्बित प्रकरणों की मण्डल स्तर पर की गयी समीक्षा के दौरान उप शिक्षा निदेशक स्तर पर सबसे अधिक डिफाल्टर एवं लम्बित प्रकरण पाये जाने तथा उप शिक्षा निदेशक द्वारा बैठक में काफी विलम्ब से उपस्थित होने पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। इसके अलावा उक्त बैठक में आज़मगढ़ के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, मऊ के परियोजना अधिकारी नेडा एवं उप संचालक चकबन्दी तथा बलिया के जिला आबकारी अधिकारी, परियोजना अधिकारी डूडा एवं पर्यटन अधिकारी की अनुपस्थिति पर भी उन्होंने अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए इन सभी अधिकारियों को चेतावनी निर्गत करते हुए शासन को भी अवगत कराने का निर्देश दिया। समीक्षा में स्पष्ट हुआ कि शिक्षा से सम्बन्धित आज़मगढ़ में 17, मऊ में 5 एवं बलिया में 4 कुल 26 डिफाल्टर हैं। मण्डलायुक्त श्रीमती त्रिपाठी ने इस सम्बन्ध में विभाग द्वारा की जा रही कार्यवाही की स्थिति के बारे में जानना चाहा, परन्तु वस्तुस्थिति से अवगत कराने हेतु तत्समय उप शिक्षा निदेशक उपस्थित नहीं थे, बल्कि काफी देर से उपस्थित हुए, जिस पर मण्डलायुक्त ने उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि करने का निर्देश दिया। बैठक में कतिपय अधिकारियों द्वारा लम्बित एवं डिफाल्टर प्रकरणों के निस्तारण में आ रही तकनीकी दिक्कतो के सम्बन्ध में अवगत कराया जिस पर मण्डलायुक्त ने उन्हें तत्काल एनआईसी से सम्पर्क कर निस्तारण कराने का निर्देश दिया। इसी क्रम में उन्होने यह भी निर्देश दिया कि पोर्टल पर प्रतिदिन अपने-अपने विभाग से सम्बन्धित प्रकरणों का जायजा लिया जाय, जो भी प्रकरण आये उसका तत्काल निस्तारण पूरी गंभीरता से किया जाये, इसमें कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए।मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने कहा कि आईजीआरएस पोर्टल की शासन स्तर पर निरन्तर समीक्षा की जा रही है। यह अत्यन्त संवेदनशील एवं शीर्ष प्राथमिकता से सम्बन्धित कार्यक्रम है। उन्होंने सभी अधिकारियों को आगाह किया कि पोर्टल पर प्रकरण का डिफाल्टर होना किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। यदि भविष्य में कोई प्रकरण डिफाल्टर होना पाया जाता है तो सम्बन्धित अधिकारी को बख्शे जाने की कोई गंुजाइश नहीं होगी। उन्होंने समस्त डिफाल्टर प्रकरण को तत्काल निस्तारित करने का निर्देश देते हुए कहा कि यदि विभाग के स्तर पर डिफाल्टर अवशेष पाया जाता है तो उन्हें इस सम्बन्ध में की गयी कार्यवाही के पूर्ण विवरण के साथ शनिवार को पुनः उपस्थित होना है। उन्होने जनपद बलिया में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक स्तर पर 24, उप निदेशक मण्डी (निर्माण) के स्तर पर 5 डिफाल्टर, सहायक आयुक्त खाद्य के स्तर पर 2 डिफाल्टर, लोक निर्माण विभाग के स्तर पर आज़मगढ़ 24, मऊ में 4 एवं बलिया में 7 प्रकरण पाये जाने पर निर्देश दिया कि डिफाल्टर मामलों का निस्तारण तत्काल किया जाय तथा यह भी सुनिश्चित किया लम्बित प्रकरण समय सीमा के अन्दर अवश्य निस्तारित हो जाये।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी आज़मगढ़ डा. एके मिश्र, अधीक्षण अभियन्ता लोक निर्माण विभाग, सहायक आयुक्त खाद्य राजीव बिन्दल, सहायक आयुक्त औषधि प्रशासन विनीत पाण्डेय, जिला पंचायत राज अधिकारी, अपर निदेशक पशुपालन सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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