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आजमगढ़: स्व0 गिरीश चन्द्र श्रीवास्तव की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा पूरा शहर

स्व0 गिरीश के साथ ही शिक्षाविद दीनानाथ लाल जी को भी श्रद्धासुमन अर्पित किया गया 

आजमगढ़:  माता अन्नपूर्णा देवी वेलफेयर सोसाइटी के तत्वाधान में दिवंगत पूर्व पालिकाध्यक्ष गिरीशचन्द्र श्रीवास्तव की नौवीं पुण्यतिथि बुधवार देर शाम आयोजित की गयी । श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता मुखतेश्वर लाल श्रीवास्तव व संचालन अरविन्द चित्रांश ने किया। उनके परममित्र दिवंगत डा0 दीनानाथ लाल श्रीवास्तव के चित्र पर भी पुष्प अर्पित कर   लोगों ने  उन्हें भी श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि देने के लिए समूचा शहर इस मैदान में उमड़ पड़ा। मौजूद लोगों ने स्व गिरीश जी के चित्र पर पुष्प अर्पित करके उन्हें श्रद्धांजलि दी।
श्रद्धांजलि सभा को सम्बोधित करते हुए ई0 रामनयन शर्मा ने कहा कि वही जीवन सार्थक होता है, जो दूसरों के लिए काम आये। ऐसे लोग ही अमरता को प्राप्त होते हैं और उनके न रहने के बाद भी सदियों तक पीढ़ियां उनको याद करती हैं। उन्होंने कहा कि गिरीश जी तो अपने लिए कभी जिये ही नहीं। उनका समूचा जीवन समाज और समाज के आखिरी पायदान पर मौजूद लोगों के लिए समर्पित रहा। यही वजह है कि निधन के नौ साल बाद भी वह हजारों-लाखों लोगों के दिलों में जिन्दा हैं। ऐसे महान व्यक्तित्व को श्रद्धांजलि देने के साथ ही हमें मन में यह प्रण लेना चाहिए कि भले ही हम उनकी तरह समाज के लिए उतना कुछ न कर सकें मगर उनकी तरह कुछ जरूर करेंगे। यह प्रण लेने वाला निश्चित रूप से गिरीश जी को सच्ची श्रद्धांजलि देगा।
शिवप्रसाद शर्मा ‘अम्बु जी’ ने कहा कहा कि गिरीश जी अपने आप में मानवता की प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने कभी किसी को अपना विरोधी नहीं समझा। यही वजह रही कि विरोधी खुद ही उनके आगे नतमस्तक हो जाया करते थे।
सुआल प्रसाद गोंड ने कहा कि गिरीश जी जैसे लोग कभी-कभी जन्म लिया करते हैं। अपने अल्प जीवनकाल में उन्होंने समाज के लिए जितना कुछ किया उसे गिनाया नहीं जा सकता है।
अखिलेश मिश्रा गुड्डू ने कहा कि गिरीश जी ने सेवा व समर्पण की जो लम्बी लकीर खींची है, उससे लम्बी लकीर खींचा जाना शायद कागजी बात होगी। उन्होंने कहा कि यह हम सभी का सौभाग्य है कि हम ऐसी पुण्यात्मा को श्रद्धांजलि देने के लिए यहां उपस्थित हुए
समाजसेवी प्रणीत श्रीवास्तव हनी ने कहा कि स्व0 गिरीश चन्द्र श्रीवास्तव के विराट व्यक्तिव की जो छाप समाज में रही है उसके सामने अगर मैं 10 प्रतिशत भी कार्य कर सका तो नगरवासी स्वयं परिवर्तन महसूस करंेगे। नगर के विकास में मेरा परिवार कभी पीछे नहीं रहेगा और आने वाले दिनों में नगर को स्वच्छता के साथ-साथ खुबसूरत बनाने का कार्य करूंगा।
हैं। इसीक्रम में महेशलाल श्रीवास्तव, ई0 रामनयन शर्मा,महेन्द्र राय, प्रेमी जी, बालव्यास कौशल, डा0 अफजल इनाम, शाहशमीम, राजेन्द्र सिंह, अवधेशलाल श्रीवास्तव, ओमप्रकाश मिश्र, डा0 अशोक सिंह आदि ने भी अपने विचार रखंे।
श्रद्धांजलि सभा में मौजूद प्रमुख लोगों में डा0 सोनी पाण्डेय, अनीता साइलेस, डा0 गीता सिंह, मालती मिश्रा, अरूण श्रीवास्तव, बेलाल अहमद, संतोष कुमार श्रीवास्तव, गोविन्द दूबे, विवेक पाण्डेय सहित तमाम सामाजिक संगठन व नगर पालिका के सभासदगण व अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में स्व गिरीश जी की पत्नी व पालिकाध्यक्ष श्रीमती शीला श्रीवास्तव व उनके भाई राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद जौनपुर के अध्यक्ष राकेश कुमार श्रीवास्तव ने आगतों के प्रति आभार ज्ञापित किया।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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