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आजमगढ़ : विचाराधीन बंदी की इलाज के दौरान जिला अस्पताल में मौत

दहेज़ हत्या के मामले में जेल में पत्नी व पुत्र  बंद था मृतक 

आजमगढ़ : जिला कारागार में निरुद्ध विचाराधीन बंदी की इलाज के दौरान बुधवार की रात को जिला अस्पताल में मौत हो गई। वह दहेज हत्या के आरोप में वह लगभग 20 माह से जिला कारागार में निरुद्ध था। उसकी पत्नी व एक पुत्र भी जेल में ही इसी मुकदमे में बंद हैं।जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के खालिसपुर गांव निवासी 62 वर्षीय इरफान पुत्र स्व. बहादुर की बहू 20 वर्षीय जैनब पुत्र आफताब 30 मई 2016 को संदिग्ध हालत में आग से झुलस गई थी। इलाज के दौरान एक पखवारा बाद 16 जून को मौत हो गई थी। घटना के चार माह बाद मृत महिला के परिजनों  ने जीयनपुर कोतवाली में ससुर इरफान, सास रेहाना खातुन, देवर इमरान व फैजान के खिलाफ दहेज हत्या के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। जीयनपुर कोतवाली पुलिस ने तीनों आरोपितों को 14 अगस्त 2017 को गिरफ्तार कर लिया था। तभी से चारों आरोपित जेल में बंद थे। फैजान चार माह पूर्व ही जमानत पर जेल से रिहा हुआ था। अन्य तीनों का भी दो-तीन दिन बाद जमानत होने वाला था। जेल अधीक्षक राधाकृष्ण मिश्र का कहना है कि इरफान टीबी रोग से ग्रसित था, वह 27 मार्च से ही जेल के अस्पताल में भर्ती था। बुधवार की दोपहर को हालत गंभीर देख जेल के डाक्टर ने उसे रेफर कर दिया था। दोपहर दो बजे जेल से उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान बुधवार की रात में उसकी मौत हो गई। जेल प्रशासन ने उसकी मौत की सूचना परिजनों को दी। सूचना पाकर परिजन भी मौके पर आ गए। शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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