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विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में प्रशिक्षित पारम्परिक कारीगरों को उनके ट्रेड का टूल किट दिया गया


कुल 200 प्रशिक्षणार्थियों को टूल किट व प्रमाण पत्र दिया गया, प्रत्येक टूल किट की लागत 5000 रू0 है

आजमगढ़ 23 फरवरी-- बीजेपी जिलाध्यक्ष जयनाथ सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अन्तर्गत प्रशिक्षित पारम्परिक कारीगर जैसे-बढ़ई, दर्जी, नाई, सुनार, लोहार, हलवाई, मोची, कुम्हार को टूल किट तथा प्रमाण पत्र वितरित किया गया।
इस अवसर पर उन्होने बताया कि उक्त ट्रेडों के 25-25 प्रशिक्षणार्थियों को, इस प्रकार कुल 200 प्रशिक्षणार्थियों को टूल किट दिया गया, प्रत्येक टूल किट की लागत 5000 रू0 है। उन्होने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के स्थानीय दस्तकारों एवं पारम्परिक कारीगरों के विकास हेतु इस योजना को संचालित किया गया है। इस योजना के अन्तर्गत पारम्परिक कारीगर बढ़ई, दर्जी, टोकरी बुनकर, नाई, सुनार, लोहार, कुम्हार, हलवाई, मोची, राजमिस्त्री तथा हस्तशिल्पी शामिल हैं। इस योजना का लाभ उक्त पारम्परिक कारीगरी से जुड़ा कोई भी व्यक्ति ले सकता हैं।
उन्होने बताया कि जो कारीगर प्रशिक्षण एवं टूल किट प्राप्त कर चुके हैं, उन लाभार्थियों को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत ऋण सुविधा भी प्रदान किया जायेगा।
उन्होने उपायुक्त उद्योग से कहा कि इस योजना का प्रचार प्रसार ब्लाक स्तर पर भी करायें, जिससे लोगों में योजना के प्रति जागरूकता पैदा हो सके तथा इस योजना का लाभ उठा सकें।
उपायुक्त उद्योग रंजन चतुर्वेदी ने बताया कि विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु पात्रता में आवेदक उ0प्र0 का मूल निवासी होना चाहिए, आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए, आवेदक का पारम्परिक कारीगरी जैसे- बढ़ई, दर्जी, टोकरी बुनकर, नाई, सुनार, लोहार, कुम्हार, हलवाई, मोची अथवा दस्तकारी आदि व्यवसाय से जुड़ा होना चाहिए, योजना का लाभ पाने के लिए किसी प्रकार की शैक्षिक योग्यता आवश्यक नही है, परिवार का केवल एक ही सदस्य योजना के अन्तर्गत आवेदन हेतु पात्र होगा, परिवार का आशय पति अथवा पत्नि से है। योजनान्तर्गत पात्रता हेतु जाति एकमात्र आधार नही होगा, योजनान्तर्गत लाभ प्राप्त करने हेतु ऐसे भी व्यक्ति पात्र होंगे जो परम्परागत कारीगरी करने वाली जाति से भिन्न हों, ऐसे आवेदकों को परम्परागत कारीगरी से जुड़े होने के प्रमाण के रूप में ग्राम प्रधान, अध्यक्ष नगर पंचायत अथवा नगर पालिका/नगर निगम के संबंधित वार्ड के सदस्य द्वारा निर्गत किया गया प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा।
इस अवसर पर सहायक आयुक्त उद्योग प्रवीण कुमार मौर्या, सहायक प्रबन्धक चन्द्र प्रकाश पटेल तथा लाभार्थीगण उपस्थित रहे।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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