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आजमगढ़ : प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को क्रियान्वित करने डीएम ने की बैठक

राजस्व ग्रामवार भूलेख से कृषकों की सूची निकाल भूमि क्षेत्रफल के आधार पर चिन्हित होंगे लाभार्थी 

आजमगढ़ 06 फरवरी-- जिलाधिकारी शिवाकान्त द्विवेदी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को क्रियान्वित करने के संबंध में विस्तार से विचार विमर्श किया गया।
उन्होने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में लघु एवं सीमान्त कृषकों के परिवारों को प्रतिवर्ष 06 हजार रू0 डीबीटी के माध्यम से प्रदान किये जायेंगे, यह धनराशि 4-4 महिने के अन्तराल में 2 हजार रू0 की तीन समान किश्तों में प्रदान की जायेगी। इस योजना को दिनांक 01 दिसम्बर 2018 से लागू किया गया है एवं 01 दिसम्बर 2018 से 31 मार्च 2019 की समयावधि के लिए देय 2 हजार रू0 की किश्त को अभी लघु एवं सीमान्त कृषक परिवार के किसानों के खाते में हस्तानान्तरित किया जाना है।उन्होने बताया कि योजना को क्रियान्वित करने के लिए राजस्व ग्रामवार भूलेख से कृषकों की सूची निकाल ली जायेगी तथा प्रत्येक राजस्व ग्राम में लघु एवं सीमान्त कृषकों को भूमी के क्षेत्रफल के आधार पर चिन्हित कर लिया जायेगा। कृषि विभाग के पारदर्शी किसान योजना के पोर्टल से भी राजस्व ग्रामवार लघु एवं सीमान्त कृषकों की सूची निकाल ली जायेगी, इसका मिलान भूलेख की सूची से कर लिया जायेगा।
उन्होने बताया कि 06 फरवरी से 11 फरवरी के मध्य जनपद के सभी राजस्व ग्रामों का भ्रमण एवं सर्वेक्षण किया जायेगा। उन्होने बताया कि टीम के द्वारा सत्यापित किये गये आंकड़ों को जिला स्तर पर उपलब्ध कराया जायेगा। डाटा को संग्रह किये गये सत्यापित डाटा को डिजिटाइज्ड करने एवं प्रधानमंत्री किसान पोर्टल पर अपलोड करने की कार्यवाही जिला सूचना विज्ञान अधिकारी के पर्यवेक्षण में किया जायेगा। उन्होने बताया कि शामिल खाता होने की स्थिति में प्रत्येक कृषक परिवार के भूमि की गणना पृथक-पृथक की जायेगी और परिवार के लघु एवं सीमान्त की श्रेणी में आने पर उन्हें भी लाभान्वित किया जायेगा।
इसी के साथ ही साथ जिलाधिकारी द्वारा जनपद में निराश्रित/बेसहारा पशुओं के संरक्षण हेतु गौशाला पर किये गये अस्थाई कार्याें के प्रगति का विकास खण्डवार समीक्षा किया गया। उन्होने समस्त खण्ड विकास अधिकारियों से कहा कि गोवंश के संरक्षण के लिए ग्राम स्तरीय गो-संरक्षण समिति का गठन किया जायेगा, जिसमें प्रधान, पूर्व प्रधान, मेम्बर को कार्यकारिणी में रखा जाये। प्रत्येक ब्लाक में 03 पशुचर बनने हैं।
उन्होने समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि पशुचर पर सुरक्षा खाई, पानी, चरही आदि की व्यवस्था जल्द से जल्द कराना सुनिश्चित करें। जिन-जिन पशुचरों पर बिजली की समस्या है, वहां पर नेडा विभाग के संबंधित अधिकारी से मिलकर सोलर पावर के साथ समरसिबल लगवायें।
उन्होने समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिन-जिन विकास खण्डों में निराश्रित/बेसहारा पशुओं के संरक्षण हेतु गौशाला चल रहे हैं, उनकी संबंधित खण्ड विकास अधिकारी से सूची प्राप्त करते हुए पशुचर पर हुए कार्याें की रिपोर्ट जल्द से जल्द उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डीएस उपाध्याय, पीडी अभिमन्यु सिंह, डीडीओ रवि शंकर राय, डीसी एनआरएलएम बीके मोहन, डीसी मनरेगा वीवी सिंह, डीडी कृषि डाॅ0 आरके मौर्य, जिला कृषि अधिकारी डाॅ0 उमेश कुमार गुप्ता, समस्त उप जिलाधिकारी, संबंधित खण्ड विकास अधिकारी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिाकारी उपस्थित रहे।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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