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रानी की सराय: बालक की आखों की गई रोशनी,परिजन ने प्रशासन व समाजिक संगठनों से मांगा सहयोग

प्रशासनिक आईने में नहीं दिख सका गरीब 10 वर्षीय बालक, चंदा ही सहारा बना 

रानी की सराय/आजमगढ़:  प्रशासनिक आईने में गरीब नही दिख सका और प्रकृति ने ऐसा दर्द दिया की अब आखों की रोशनी के लिए चंदा ही सहारा बना है। क्षेत्र के पलिया सोफीगंज के 10 वर्षीय सचिन के उपचार के लिए नागरिक चंदा कर रहे है। थाना क्षेत्र की सीमा से सटे पलिया सोफीगंज ब्लाक मेहनगर निवासी सचिन राजभर (10वर्ष) पुत्र सनोद इन दिनो आंख की रोशनी चले जाने की बिमारी से पीडित है। सनोद के पिता की मौत तब हो गयी जब वह महज 4 वर्ष का था। मां चिन्ता देवी ने किसी तरह गुजारा कर उसे पाला पोसा । रहने को मण्डई का आशियाना है। परिवार न तो लाल कार्ड धारक ही बना और नही आज तक आवास ही मिला। सब सरकारी महकमे में कागजी घोडे पर दौडता रहा। बताया जा रहा है की हाल ही में सचिन दीमागी बुखार से पीडित हुआ तो स्थानीय उपचार के बाद उसे बीएचयू वाराणसी भेज दिया गया। दया भाव के चलते क्षेत्र के रवि विश्वकार्मा,बैजनाथ,ओमप्रकाश,बृजराज,हरिनारायण आदि ने चंदा इकटठा कर बालक सचिन उपचार शुरू कराया। दीमागी बुखार तो ठीक हुआ लेकिन आंख से ही नही दिखाई देने लगा। फिर वाराणसी के चिकित्सको ने उसे एम्स के लिए रेफर कर दिया। आखो की रोशनी जाने से एक मात्र पुत्र ही सहारा था जिससे मां भी काफी ब्यथित है। अब पीड़ित के उपचार के लिए आस पास के लिए लोग चंदा तो इकटठा कर रहे हैं लेकिन ज्यादा खर्च आने से प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजा गया है।नागरिको ने जिला प्रशासन व सामाजिक संगठनो से भी आर्थिक सहायता की मांग की है।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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