शहर के बड़े होटलों में आरोपियों ने बना रखा था बिज़नेस मीटिंग का ठिकाना,लगभग 01 करोड़ का माल इधर से उधर होने का अनुमान - एन पी सिंह, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण पुलिस ने उनके पास से 2.57 लाख नगदी, 04 लैपटाप, 11 मोबाइल फोन बरामद किया आजमगढ़: आजमगढ़ में फ़र्ज़ी ऑनलाइन कंपनियों के द्वारा रुपये दो गुना करने वाले और निवेश के बदले में सोना देने वाले गिरोह के 09 सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरोह के साथ इस अवैध कारोबार में ज्यादा पैसे बनाने के चक्कर में आजमगढ़ के कई प्रतिष्ठित लोग भी शामिल हो गए थे और कुछ नए भी होने जा रहे थे । पुलिस ने जब शहर के तीन बड़े होटलों में एक साथ छापा मारा तो आरोपी, पुराने ग्राहक व किस्मत आजमाने आये कई नए प्रतिष्ठित व्यापारी भी वहां मिले, पुलिस ने सभी से गहन पूछताछ कर दोषियों को गिरफ्तार कर लिया , साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की धरपकड़ के लिए क्राइम ब्रांच की टीम सहित अन्य थानों की फोर्स को सक्रीय कर दिया । गुरुवार को एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने इस फर्ज़ीवाड़े का विस्तार से खुलासा करते हुए बताया की यह लोग ग्राहकों को फ़र्ज़ी ऑनलाइन कंपनियों में निवेश करने को प्रोत्साहित कर चेन व मार्केटिंग की स्कीम समझा महज 17, 25 और 40 दिन के भीतर धन दो गुना नोट कर देने का वादा करते थे। ऐसे में कुछ लोग कई बार कम रकम जमा कर दो गुना रुपयों का भुगतान भी करा चुके हैं। जिन लोगों ने एक बार में दो गुना रुपये प्राप्त कर लिए हैं। वहीं लोग दोबारा दूसरे ग्राहकों को फंसाकर लाते हैं। पुलिस के मुताबिक इस प्रकार का खेल काफी दिनों से चल रहा था और कुल मिला कर 03 फ़र्ज़ी ऑनलाइन कंपनियों के माध्यम से 01 करोड़ तक की रकम इधर से उधर की गयी है । एसपी ग्रामीण ने बताया की सेबी व आरबीआई जैसी वित्तीय नियामक एजेंसियों में बिना पंजीकरण के फर्जी तरीके से ऑनलाइन हवा हवाई वित्तीय कंपनी चलाने वालों का शहर के अलग-अलग होटलों में विशेष तौर से कमरा बुक रहता था। यह हाई प्रोफाइल से दिखने वाले लोग लोग होटलों के अपने कमरे में बुलाकर ग्राहकों के साथ मीटिंग करते थे। मंगलवार को इसकी भनक एसपी रविशंकर छवि को लगी तो उन्होंने नगर कोतवाली पुलिस को सक्रिय किया। कोतवाली पुलिस की टीमों ने जब इन स्थानों पर छापा मारा तो आरोपियों के साथ ही वहां पैसा लगाने पंहुचे कई प्रतिष्ठित वब्यापारी भी मिले । 70 दिन में धन दूना करने का लालच देकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह के नौ सदस्यों को पुलिस ने शहर के तीन बड़े होटलों में छापेमारी कर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके पास से 2.57 लाख नगदी, 04 लैपटाप, 11 मोबाइल फोन बरामद किया। पकड़े गए आरोपी ग्लोबल इंटर गोल्ड व ब्लू वर्ड कंपनी के नाम पर लोगों से ठगी करते थे। इन्सेटिव के नाम पर लोगों को आनलाइन सोने का सिक्का भी दे रहे थे। एक कंपनी तो लोगों के रुपयों को यूरोप की मुद्रा यूरो में बदलने की फ़र्ज़ी सुविधा दे रही थी। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही ठगी के इस कारोबार से जुड़े और लोग उनकी पकड़ में होंगे। पुलिस को सूचना मिली की ग्लोबल इंटर गोल्ड व ब्लू वर्ड नाम की कंपनी के बारे में बता कर कुछ शातिर ठगी कर रहे है। इनका कहना है कि कंपनी आपका रूपया 70 दिन में रूपया दूना कर देती है तथा इंसेन्टिव के रूप में आनलाइन सोने का सिक्का दे रही है। उक्त लोगों लोगों से रूपया लेकर जमा भी कर रहे हैं। इस समय पूरा गिरोह शहर के तीन होटलों में मौजूद है। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक कोतवाली विनय कुमार मिश्र ने उप निरीक्षक सर्विलांस सेल कमलनयन दुबे, चौकी प्रभारी एलवल प्रभाकर शुक्ल, आरक्षी मनीष सिंह साइबर सेल के साथ तीनों स्थानों पर छापा मारा। पुलिस ने मुखबिर की निशानदेही पर नौ लोगों को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान गिरफ्तार अभियुक्त बिलरियागंज थाना क्षेत्र के भावापुर निवासी विन्ध्याचल यादव पुत्र स्व. नेहरू के पास से पुलिस ने एक लैपटाप, दो मोबाइल व 50 हजार नगदी बरामद किया। हीरालाल पुत्र रामनयन यादव निवासी नियाउज थाना फूलपुर के पास से एक लैपटाप, एक मोबाइल, दो लाख रूपये नगदी, आकाश सिंह पुत्र नंद किशोर सिंह निवासी रिजर्व पुलिस लाइन आजमगढ़ के पास एक लैपटाप, एक मोबाइल, अजय कुमार सिंह पुत्र राजेंद्र बहादुर सिंह निवासी मानिकडिह थाना जीयनपुर के पास से एक मोबाइल, रजनीश राय पुत्र राम कृपाल राय निवासी तरौका थाना जीयनपुर के पास से दो मोबाइल बरामद किया। जबकि चंदन प्रसाद पुत्र सुरजराम निवासी लेडूवा थाना तहबरपुर के पास से दो मोबाइल, आनंद कुमार यादव पुत्र रामनाथ निवासी बरजला गांगेपुर थाना जीयनपुर के पास से तीन मोबाइल, रवि मौर्य पुत्र मनीराम निवासी करेन्हुआ थाना कंधरापुर के पास से सात हजार नगदी, धनश्याम गुप्ता पुत्र सुखदेव निवासी पिडहनी थाना बड़हलगंज जनपद गोरखपुर के पास से एक लैपटाप बरामद हुआ। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि उक्त लोग 70 दिन में धन दूना करने का झासा देकर लोगों से ठगी करते थे। अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे रूपये को दूना करने का प्रलोभन देते थे। लोग झांसे में आकर पैसा जमा कर देते थे। इसके बाद उनका रजिस्ट्रेशन किया जाता था। गिरोह के अन्य सदस्य मोबाइल नंबर के माध्यम से कंपनी की योजना बताकर पैसा जमा कराते थे तथा सोने के बिस्कुट कंपनी से आनलाइन बुक कराकर व्यक्तियों को जोड़ते थे। बरामद रूपया उक्त लोगों ने धन दूना करने और बिस्कुट बुक करने के लिए लोगों से जमा कराया था। एसपी ग्रामीण ने बताया की इनके पास से बरामद लैपटॉप और मोबाइल फ़ोन जब फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जायेंगे तो इनसे जुड़े सारे रहस्य सामने आ जाएंगे।
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