एटीएस ने आजमगढ़ जिले के सठियांव बाजार से मऊ निवासी मो. तालिब अंसारी और मो. उस्मान को दबोचा
तीन मोबाइल, एक लैपटाप, एक प्रिंटर, आधे कटे स्टाम्प पेपर भी बरामद. मऊ : जिले में एटीएस वाराणसी के सहयोग से पुलिस ने नकली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने छापेमारी में 1.39 लाख 300 रुपये मूल्य के नकली नोट के साथ कलर प्रिंटर, तीन मोबाइल फोन, एक अदद लैपटॉप, बाइक और आधे कटे हाल में दस और बीस रुपये के स्टांप पेपर आदि बरामद किया। एसपी ललित कुमार सिंह ने कोतवाली में खुलासा करते हुए बताया कि एटीएस वाराणसी को नकली नोट छापने वाले गिरोह के बारे में सुराग हाथ लगा था। इस दौरान एटीएस सुराग लगाते हुए आजमगढ़ जिले के सठियांव बाजार से मो. तालिब अंसारी और मो. उस्मान को दबोचा लिया। दोनों आरोपी शहर कोतवाली क्षेत्र के मुंशीपुरा मऊ के निवासी हैं। पकड़े गए दोनों आरोपियों ने पूछताछ में एटीएस वाराणसी टीम को बताया कि नकली नोट छापने का काम शहर कोतवाली क्षेत्र के मलिक ताहिरपुरा मुहल्ला निवासी मो. मंसूर करता है। इस पर एटीएस वाराणसी की टीम ने एसपी ललित कुमार से संपर्क साधा। इसके बाद शुक्रवार की रात ढाई बजे के करीब एटीएस और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से मलिक ताहिपुरा मोहल्ला निवासी मो. मंसूर के घर पर छापेमारी की। इस दौरान आरोपी के घर से पुलिस को छपी नकली नोट एक लाख उनतालिस हजार तीन सौ रुपये की शक्ल में बरामद हुई। साथ ही नोट छापने में प्रयुक्त किए जाने वाला प्रिंटर और अन्य सामान बरामद हुए। नकली नोट छापने में आरोपी दस और बीस रुपये मूल्य के स्टांप पेपर का उपयोग करता था। एटीएस और पुलिस टीम ने जिस समय छापेमारी की उस समय आरोपी नोट छापने का काम कर रहा था, इसके कारण पुलिस को मौके से कटे स्टांप पेपर भी बरामद हुए। बरामद नकली नोटों में दो हजार के 15, पांच सौ के 185 नोट, सौ के आठ और बंद हो चुकी पांच सौ रुपये वाले 32 नोट बरामद हुए। पकड़े गए आरोपियों के नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। पूरी संभावना है कि और लोग भी इनके साथ होंगे। पकड़े गए आरोपियों का पुलिस ने जाली भारतीय मुद्रा बनाने, बंद हो चुकी पुरानी करेंसी चलाने आदि धाराओं में चालान कर दिया। एसपी ने बताया कि नकली नोट छापने के आरोप में दबोचा गया मो. मंसूर पूर्व में अपने दोनों साथियों के साथ नेपाल से नकली नोट लाकर क्षेत्र में खपाने का काम करता था। लेकिन पुरानी करेंसी बंद होने पर इनका धंधा बंद हो गया। इस पर मंसूर ने खुद ही नकली नोट छापने का काम शुरू कर दिया। आरोपी चालीस हजार रुपये असली नोट के बदले आरोपी ग्राहक को एक लाख रुपये देते हैं। इन आरोपियों के बताने पर कुछ नाम सामने आए हैं, पुलिस अब इन लोगों के बारे में पता लगा रही है। जल्द ही इस गिरोह के और सदस्य पकड़े जाएंगे।
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