'बेवफा तो यह सारा जमाना नहीं,क्यों किसी से तेरा दोस्ताना नहीं' - जफर
आजमगढ़:: फूलपुर क्षेत्र में दबिस्तान-ए-उर्दू के तत्वाधान में सोमवार की रात नियाउज गांव स्थित एमआईएस कॉलेज में आयोजित मुशायरे में शायरों ने अपनी स्वरचित रचनाओं से श्रोताओं को रात भर बांधे रखा । कार्यक्रम की शुरुआत वसी मारूफी ने नात पाक पेश कर किया। मुख्य अतिथि अब्दुर्रहमान उर्फ पप्पू महाप्रधान और वसी सिद्दीकी ने कहा कि शादाब आजमी ने मुशायरों की दुनिया मे काफी शोहरत हासिल की है। यही वजह रही है कि उन्हें पिछले दिनों लखनऊ में पूर्व मंत्री शिवपाल यादव ने उन्हें सम्मानित किया था । इस सम्मान से पूरा आजमगढ़ शादाब आजमी पर गर्व महसूस कर रहा है। मुशायरे की कड़ी मे शायर जफर ने फरियाद होगी, मोहब्बत मेरी गर उन्हें याद होगी सुनाया। नसीम साज ने 'बेवफा तो यह सारा जमाना नहीं,क्यों किसी से तेरा दोस्ताना नहीं' सुनाकर खूब वाहवाही लूटी । शादाब आजमी ने राष्ट्रीय एकता पर आधारित गीत सुनाकर साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल कायम किया। शायर आफताब मुजाहिद,याकूब आजम,साजिद प्रतापगढ़ी,शाकिब शमसी,वसी मारुफी ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत किया। संचालन रजब अली और अध्यक्षता हाशिम जफर ने किया। इस मौके पर मोहम्मद तारिक, हाफिज शकील, शेख अब्दुलखैर,शहनवाज आलम,विशाल उपाध्याय थे।
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