कानून विशेषज्ञों की राय लेते हुए रिपोर्ट दर्ज कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी-एन पी सिंह,एसपी ग्रामीण
आजमगढ़ : सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार ने मुस्लिम समाज में प्रचलित तीन तलाक को भले ही गैर कानूनी घोषित कर दिया है मगर ऐसे मामले थम नहीं रहे। ताजा मामला आजमगढ़ का है जहां एक पीड़िता ने थाने पहुंच कर मदद की गुहार लगाई है। आरोप है की पति ने पीड़िता को फोन पर ही तलाक तलाक तलाक कह कर उसे हमेशा के लिए अलग कर दिया। इतना ही नहीं पीड़िता को तीन बच्चों के साथ घर के बाहर भी कर दिया गया । साथ ही उसके आभूषण आदि भी छीनकर रख लिए। बच्चों के साथ दर-दर की ठोकरे खा रही नफीसा ने मंगलवार को आजमगढ़ एसपी ग्रामीण से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। जिले के सिधारी थाना क्षेत्र के औसत अली कॉलोनी निवासी नफीसा को मारपीट करने वाले ससुरालियों के खिलाफ आवाज उठाना महंगा पड़ गया। पति मुनीस आजमी ने नाराज होकर दुबई से फोन कर उसे तीन तलाक दे दिया। पुलिस अभी इस मामले में उलझी है कि रिपोर्ट किस धारा में दर्ज की जाए। एसपी ने मामले में कानून विशेषज्ञों की राय लेकर के निर्देश लेकर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया है। पीड़ित महिला नफीसा ने बताया कि उसका मायका सुल्तानपुर जिले में है। उसकी शादी सिधारी थाना क्षेत्र में हड़हाबाबा मंदिर के पास स्थित औसत अली कालोनी निवासी मुनीस आजमी से हुई थी। शादी के बाद नफीसा तीन बच्चों की मां बनी। उसकी बड़ी बेटी 15 वर्ष की है। नफीसा के मुताबिक, उसके पति दुबई में रहकर नौकरी करते हैं। घर पर वह अपने तीनों बच्चों के अलावा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ रहती है। नफीसा ने बताया कि उसके परिवार में सास सितारूनिशां, ससुर अब्बास, देवर इरशाद, ननद राशिदा, फातमा, नसीबुनिशा हैं। यह लोग किसी न किसी बात पर अक्सर उसे प्रताड़ित करते रहते हैं। घर वालों की प्रताड़ना से परेशान नफीसा ने यह बात फोन पर अपने पति को बताई तो वे घर वालों से बात किए। पति के पूछताछ करने से नाराज परिवार के सदस्यों ने 19 सितंबर को उसे मारपीट कर घायल कर दिया तो नाराज नफीसा ने थाने में सास और देवर के खिलाफ तहरीर दे दी। इधर पुलिस ने एनसीआर दर्ज कर ली। मां और भाई के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने की सूचना मिलने पर आग बबूला पति मुनीस ने 20 सितंबर की शाम फोन पर नफीसा को तीन तलाक दे दिया। इसके बाद परिवार के लोगों ने बच्चों समेत उसे घर से निकाल दिया। आरोप है कि आभूषण आदि भी लेकर रख लिए। मामले में पंचायत हुई तो पंचों के कहने पर एक छोटा सा कमरा दे दिया गया, लेकिन आरोप है की उसे तरह-तरह से प्रताड़ित किया जा रहा है। इस मामले में एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि जिले में इस प्रकार का पहला मामला उजागर हुआ है। प्रभारी निरीक्षक सिधारी को कानून के विशेषज्ञों की राय लेते हुए घटना की रिपोर्ट दर्ज कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
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