पं0 दीनदयाल जी भारत के सबसे तेजस्वी, तपस्वी एवं यशस्वी चिन्तक रहे है-जयनाथ सिंह आजमगढ़ : भारतीय जनता पार्टी नगर द्वारा पं दीनदयाल उपाध्याय का जन्मदिन पं.दीनदयाल चौक सिविल लाइंस पर धूमधाम से मनाया गया । कार्यकर्ताओं ने पं.दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया व गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसी क्रम में करतालपुर प्रथमिक विद्यालय में धर्मेंद्र सिंह के संयोजन में जिलाध्यक्ष जयनाथ सिंह व कार्यकर्ताओं ने फल का वितरण किया । कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष जयनाथ सिंह ने व संचालन जिला महामंत्री हरीश तिवारी ने किया । गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए जिलाध्यक्ष जयनाथ सिंह ने कहा कि पं.दीनदयाल उपाध्याय कुशाग्र बुद्धि के धनी ,राष्ट्र व समाज के प्रति समर्पित, पत्रकार, लेखक ,संस्कृति के उपासक थे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारत के सबसे तेजस्वी, तपस्वी एवं यशस्वी चिन्तक रहे है। उनके चिन्तन के मूल में लोकमंगल और राष्ट्र का कल्याण समाहित हैं। उन्होंने राष्ट्र को धर्म ,आध्यात्म और संस्कृति का सनातन पुंज बताते हुए राजनीति की नयी व्याख्या की।वह गांधी, तिलक और सुभाष की परम्परा के वाहक थे। वह दलगत एवं सत्ता की राजनीतिक से उपर उठकर वास्तव में एक ऐसे राजनीतिक दर्शन को विकसित करना चाहते थे जो भारत की प्रकृति एवं परम्परा के अनुकूल हो और राष्ट्र की सर्वांगीण उन्नति करने में समर्थ हो। पाश्चात्य राजनैतिक चिन्तन ने मानव को सेक्युलर वाद,पूंजीवाद, साम्यवाद की विचारधारा दी थी। स्वतंत्रता भारत का नेतृत्व भी इन्हीं वादों में भारत का भविष्य खोज रहा था । दीनदयाल जी ने इस खोज में हस्तक्षेप करते हुए । एक नये भारतीय दर्शन की व्याख्या किया और अपनी व्याख्या को एकात्म मानववाद का नाम दिया। पं दीनदयाल उपाध्याय ने कहा था राष्ट्रवाद हमारी प्रेरणा है सुशासन और विकास से अन्त्योदय हमारा लक्ष्य है। माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार व माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पं.दीनदयाल उपाध्याय जी के मार्ग पर चलते हुए सबका साथ सबका विकास के मन्त्र के साथ अन्तयोदय के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश कार्यसमिति सदस्य श्रीकृष्ण पाल ने कहा कि पं दीनदयाल उपाध्याय ने कहा था कि किसानों की आत्मनिर्भरता लोकतंत्र की आधारशिला है। माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार किसानों की आय दोगुना करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही हैं। प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पूर्व चेयरमैन माला द्विवेदी ने कहाकि पं.दीनदयाल उपाध्याय ने कहा था कि सबको काम ही भारतीय अर्थनीति का एकमेव मूलाधार है,उनका कहना था कि शिक्षा समाज में भेद निर्माण करनेवाली न होकर एकात्मभाव निर्माण करनेवाली हो। क्षेत्रिय कार्यसमिति सदस्य प्रेमप्रकाश राय ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय जी को उनकी कुशाग्र बुद्धि और महाज्ञानी होने के करण पंडित जी कहा जाता है ना कि उनके ब्राह्मण कुल में जन्म लेने के कारण । वे कहते थे प्रगतिशील तकनीक वही है जो बेकारी मिटाए,विषमता-घटाए तथा प्रदूषण से बचाए। गोष्ठी को सच्चिदानन्द सिंह, डा.श्याम नरायन सिंह, प्रेमनारायण पाण्डेय आदि ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर प्रदेश कार्यसमिति अनुसूचित जनजाति मोर्चा अभय दत्त गोड, जिलाउपाध्यक्ष पंकज सिंह कौशिक, पवन सिंह मुन्ना, जिला मंत्री हरिवंश मिश्रा ,सतेन्द्र राय,संजय यादव, सुनील राय, शिवनाथ सिंह, राकेश सिंह, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष संचिता बैनर्जी, अनुसूचित मोर्चा जिलाध्यक्ष सुक्खू राम भारती,विभा बर्नवाल अभिषेक जायसवाल दीनू,राजेश महुआरी,तेजप्रताप सिंह, सूरज श्रीवास्तव ,मृगांक शेखर सिन्हा,अलका सिंह, बबिता जसरासरिया, पूनम , डा.संतोष यादव,शकुन्तला,सरोज, शालिनी, कुसुमलता, माधुरी, प्रियांश नज़राना, किरन , अवनीश चतुर्वेदी,विनीत सिंह, मयंक गुप्ता ,उज्जवल वर्मा, गोपाल कृष्ण अग्रवाल , डा.जी.एल.राजभर,के साथ कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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